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बंजर जमीन में कराएं कृषि भूमि का बंदोबस्त
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Mon, 05 Dec 2016 10:21 PM IST
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खेत
- फोटो : अमर उजाला
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यहां मझेड़ा ग्राम पंचायत के काश्तकारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में पत्र भेजकर क्षेत्र की बंजर जमीन का कृषि बंदोबस्त किए जाने की मांग उठाई है। क्षेत्र के प्रमुख किसान और सामाजिक कार्यकर्ता लीलाधर भट्ट के नेतृत्व में भेजे गए पत्र में कहा गया है कि गरीबों के कल्याण के लिए तमाम तरह की योजनाएं संचालित होने के बाद गरीबों की दशा में कोई अंतर नहीं आ रहा है। गांवों में कृषि के विकास को बढ़ावा देने के लिए बंजर भूमि सुधारीकरण अभियान चलाने के साथ ही बंजर जमीन का कृषि भूमि के रूप में बंदोबस्त कराया जाए।
पीएम को भेजे गए पत्र में चंपावत जिले के पटेली गांव का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि यहां आज भी ग्रामीणों को बिजली, पानी की बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है। पत्र में वृद्ध और कमजोर काश्तकारों के किसान ऋण माफ किए जाने और महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत श्रमिकों की मजदूरी 500 रुपए प्रतिदिन किए जाने की मांग भी उठाई गई है। लीलाधर भट्ट ने कहा कि नोटबंदी का साहसिक कदम उठाने वाले प्रधानमंत्री यदि चाहे तो बंजर भूमि का बंदोबस्त कर पर्वतीय क्षेत्र के छोटी छोटी जोत के काश्तकारों को लाभ पहुंचा सकते हैं।
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पीएम को भेजे गए पत्र में चंपावत जिले के पटेली गांव का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि यहां आज भी ग्रामीणों को बिजली, पानी की बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है। पत्र में वृद्ध और कमजोर काश्तकारों के किसान ऋण माफ किए जाने और महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत श्रमिकों की मजदूरी 500 रुपए प्रतिदिन किए जाने की मांग भी उठाई गई है। लीलाधर भट्ट ने कहा कि नोटबंदी का साहसिक कदम उठाने वाले प्रधानमंत्री यदि चाहे तो बंजर भूमि का बंदोबस्त कर पर्वतीय क्षेत्र के छोटी छोटी जोत के काश्तकारों को लाभ पहुंचा सकते हैं।
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