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करोड़ों की लागत से बनी पेयजल योजना नहीं बुझा पा रही है प्यास
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चंपावत के पाटी में पेयजल समस्या से निपटने को लेकर पिकप वाहन में ड्रमों के जरिए पानी भरता ग्रामीण।
- फोटो : CHAMPAWAT
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पाटी (चंपावत)। पाटी क्षेत्र की पेयजल समस्या के समाधान के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई पेयजल योजना ग्रामीणों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रही है।
जल निगम की ओर से करीब 4.20 करोड़ रुपये की लागत से कोरा नदी से लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण कर उसे जल संस्थान को हस्तांतरित करने के बाद से यहां पेयजल संकट गहरा गया है। आलम ये है कि नवनिर्मित पेयजल योजना एक माह में तीन बार खराब हो चुकी है। इसे दुरुस्त करने में एक से दो सप्ताह का समय लग रहा है। बृहस्पतिवार को पेयजल योजना एक बार फिर से खराब हो गई। इससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के सुरेंद्र राज, भुवन चंद्र आदि ने बताया कि करोड़ों रुपये से बनी पेयजल योजना ग्रामीणों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। ग्रामीणों को पिकअप और अन्य वाहनों में ड्रमों के जरिये पीने का पानी जुटाना पड़ रहा है। जल संस्थान के अवर सहायक अभियंता सीएस पंत ने बताया कि योजना में कई बार आ रही दिक्कतों को देखते हुए दिल्ली से तकनीशियनों की टीम मौके पर बुलाई गई है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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जल निगम की ओर से करीब 4.20 करोड़ रुपये की लागत से कोरा नदी से लिफ्ट पेयजल योजना का निर्माण कर उसे जल संस्थान को हस्तांतरित करने के बाद से यहां पेयजल संकट गहरा गया है। आलम ये है कि नवनिर्मित पेयजल योजना एक माह में तीन बार खराब हो चुकी है। इसे दुरुस्त करने में एक से दो सप्ताह का समय लग रहा है। बृहस्पतिवार को पेयजल योजना एक बार फिर से खराब हो गई। इससे उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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क्षेत्र के सुरेंद्र राज, भुवन चंद्र आदि ने बताया कि करोड़ों रुपये से बनी पेयजल योजना ग्रामीणों के लिए सफेद हाथी साबित हो रही है। ग्रामीणों को पिकअप और अन्य वाहनों में ड्रमों के जरिये पीने का पानी जुटाना पड़ रहा है। जल संस्थान के अवर सहायक अभियंता सीएस पंत ने बताया कि योजना में कई बार आ रही दिक्कतों को देखते हुए दिल्ली से तकनीशियनों की टीम मौके पर बुलाई गई है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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