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Champawat News: इस बार के बजट में चंपावत वालों के हाथ खाली

Wed, 15 Mar 2023 11:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Wed, 15 Mar 2023 11:49 PM IST
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Less Fund For Champawat
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा क्षेत्र वाले चंपावत जिले के लोग इस बार बजट से कई आस लगाए थे लेकिन पिछले साल के उलट 2023-24 वित्त वर्ष के प्रस्तावित बजट में उनके हाथ खाली रहे। पूर्व सैनिक दान सिंह मेहता सहित कई लोगों का कहना है कि वीआईपी जिला होने से खास सौगात की अधूरी रही। हालांकि पिछले साल के बजट में जिले के लिए तीन प्रावधान हुए थे। एक साल पूर्व प्रस्तावित कई काम जमीन पर नजर भी आ रहे हैं। अभी ये शुरुआती चरण में हैं।
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वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में चंपावत के लिए ठुलीगाड़-पूर्णागिरि रोपवे का निर्माण प्रस्तावित था। भूगर्भीय सर्वे की अनुकूल रिपोर्ट के बाद अब यह काम जल्द शुरू हो जाएगा। जिला अस्पताल में कैंसर यूनिट के निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है। चंपावत में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का कैंपस प्रस्तावित किया गया था। इस कैंपस के लिए पांच करोड़ रुपये स्वीकृत होने के साथ कॉलेज के आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, आधुनिकीकरण, स्मार्ट कक्षाओं की कवायद शुरू की गई है।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष पूरन सिंह कठायत चंपावत को कुछ खास न देने को जिले की अनदेखी बताते हैं, तो भाजपा के मीडिया प्रभारी मोहन सिंह अधिकारी कहते हैं कि चंपावत के विकास के लिए मुख्यमंत्री लगातार भारी भरकम घोषणाएं कर चुके हैं। ये घोषणाएं जिले के विकास को नई ऊंचाई दे रही है।
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उम्मीद और आशंकाओं के दोराहे पर हैं लोग
चंपावत। उत्तराखंड सरकार ने 77,407.08 करोड़ रुपये के बजट में रोजगार, पर्यटन, निवेश, युवाओं को फोकस करने का दावा किया है। धामी सरकार के वित्त मंत्री की ओर से बुधवार को पेश दूसरे बजट के इस दावे से कई लोग सहमत हैं, तो काफी ऐसे हैं, जो इसे जुमलाभर मान रहे हैं। मुख्यमंत्री का जिला होने के बावजूद चंपावत जैसे सीमांत क्षेत्र के लिए बजट में खास कुछ नहीं है लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जो बजट को अपार संभावनाओं के साथ भविष्य की राह दिखाने वाला बता रहे हैं। पर्यटन प्रोत्साहन, स्वरोजगार, पलायन रोकने के लिए खेती, ग्राम विकास के अलावा भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दलील ऐसे लोगों को आकर्षित कर रही है।


बजट पर क्या बोले लोग

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए चालीस करोड़ रुपये का प्रावधान हुनरमंद युवाओं को स्वरोजगार के लिए आगे बढ़ने की हिम्मत देगा। - रेवाधर भट्ट, व्यवसायी, चंपावत।


बजट में समग्र दृष्टि है। सबसे अच्छा पहलू सरकारी नौकरियों में नकल रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने की प्रतिबद्धता है। - राजू धामी, टैक्सी व्यवसायी, टनकपुर।


बजट में उच्च शिक्षा विभाग के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ की स्थापना अच्छी पहल है। उद्यमिता, कौशल, नवाचार को बढ़ावा देने की पहल से स्वरोजगार के मौके बढ़ेंगे। - विजय लडवाल, युवा, चंपावत।


बजट से आम लोगों की वित्तीय सेहत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। न महंगाई पर लगाम दिख रही है न रोजगार के नए मौके। - दान सिंह मेहता, पूर्व सैनिक, चंपावत।


बजट में बालिका साइकिल योजना के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे बालिकाएं स्कूल जाने और पढ़ाई करने के लिए प्रेरित होंगी। - सावित्री राय, गृहिणी, चंपावत।


बजट पेश करते वक्त वित्त मंत्री ने प्रदेश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की बात कही है। इस दिशा में कदम उठाने पर ही प्रदेश का हित सध सकेगा। - सरोज पांडेय, गृहिणी, चंपावत।

रसोई की सेहत की अनदेखी हुई है। दाल, चावल, आटा, तेल, मसाले से लेकर रसोई गैस के बढ़े दामों ने मुश्किलें बढ़ाई है। - नीमा जोशी, गृहिणी, लोहाघाट।




धामी सरकार ने पलायन रोकने के लिए गंभीर प्रयास किए हैं। बागवानी को बढ़ावा देने से लेकर स्वरोजगार के उपाय किए गए हैं। कारगर क्रियान्वयन हुआ, तो इसका लाभ गांव के जरूरतमंद तक पहुंचेगा। - राजेंद्र सिंह धोनी, किसान, चमदेवल।


सरकारी क्षेत्र में रोजगार के कम होते अवसरों को देखते हुए खेती, बागवानी को बढ़ावा देने का अच्छा प्रयास किया गया है। जैविक खेती के साथ जानवरों से बचाव के लिए घेराबंदी को विस्तार देना और बेहतर होता। - डॉ. बीपी ओली, शिक्षक, चंपावत।



इस बजट से आम लोगों को खास राहन नहीं मिलेगी। महंगाई को कम करने के उपाय नहीं है। इस कारण मध्यम वर्ग मायूस है। - हितेश मुरारी, युवा, लोहाघाट।


बजट पर शिक्षा में कोई ध्यान नहीं दिया गया है। प्रदेशभर के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी से पढ़ने वालों के साथ प्रशिक्षित युवाओं के लिए भी संकट है। - भगवान सिंह ढेक, पूर्व प्रधान।
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