फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   last rituals with respect paid by military

सैन्य सम्मान के साथ सेना के जवान को अंतिम विदाई

Tue, 18 Jul 2017 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बनबसा (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो, बनबसा (चंपावत)। Updated Tue, 18 Jul 2017 11:49 PM IST
विज्ञापन
last rituals with respect paid by military
आरएसएस के पूर्व प्रांत प्रचारक महेंद्र सिंह के आवास पर गमले में पीपल व नीम का पौंधा रोपते मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत। - फोटो : अमर उजाला
खटीमा निवासी जवान मनोहर सिंह भंडारी की मंगलवार को बनबसा में शारदा घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि कर दी गई। बनबसा छावनी स्थित 23 मराठा लाइट इंफैंट्री के जवानों ने 21 राउंड हवाई फायर कर उनको अंतिम विदाई दी। चिता को मुखाग्नि उनके चाचा परमल सिंह भंडारी ने दी।
विज्ञापन


मनोहर सिंह 15 जुलाई को मेरठ-दिल्ली मार्ग पर सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में मेरठ स्थित सेना के अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया था। खटीमा के श्रीपुर बिचवा (बनकटिया) निवासी मनोहर सिंह भंडारी (28) का पार्थिव शरीर मंगलवार को बनबसा स्थित शारदा घाट पर लाया गया।
विज्ञापन


यहां सूबेदार महेंद्र तपासे ने सेना की ओर से उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए। इस मौके पर केशर सिंह, सेवानिवृत्त सूबेदार मोहन चंद, कांग्रेस युवा प्रदेश उपाध्यक्ष भुवन कापड़ी, पीतांबर दत्त पांडेय, उमेश कापड़ी, रमेश चंद, नंद किशोर कापड़ी आदि मौजूद थे। मनोहर सिंह का परिवार पहले बनबसा के चंदनी गांव में रहता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मनोहर सिंह 6 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात थे। उनकी रेजीमेंट गढ़वाल मंडल में तैनात थी। हाल ही में रेजीमेंट को स्थानांतरित कर राजस्थान के गंगापुर सिटी भेजा गया है। गढ़वाल मंडल में तैनाती के दौरान रेजीमेंट का एक जवान देहरादून में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। उसे मेरठ के सेना अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी मनोहर को सौंपी गई थी।

मेरठ के डॉक्टरों ने बीमार जवान को दिल्ली रेफर किया। मनोहर अपने दो साथियों के साथ बीमार साथी को लेकर 15 जुलाई को मेरठ से दिल्ली के लिए रवाना हुए। मेरठ से कुछ दूरी पर दिल्ली मार्ग पर एक बस की टक्कर में सेना के तीन जवान घायल हो गए। इन्हें मेरठ के सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मनोहर सिंह भंडारी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।


राष्ट्र को समर्पित है मनोहर का परिवार
मनोहर सिंह भंडारी का पूरा परिवार राष्ट्र को समर्पित रहा है। उनके भाई सुरेश सिंह भंडारी भी कुमाऊं रेजीमेंट में कमांडो थे। वह कुफवाड़ा में आतंकी हमले में दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। इस पर उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। उनके पिता धन सिंह भंडारी भी सेना के सेवानिवृत्त सूबेदार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed