{"_id":"61be34b6099a984a2d734135","slug":"khanan-in-sharada-tanakpur-news-hld4480763171","type":"story","status":"publish","title_hn":"शारदा खनन का नवनिर्मित कालाझाला निकासी गेट भी खुला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शारदा खनन का नवनिर्मित कालाझाला निकासी गेट भी खुला
विज्ञापन
आपदा में ध्वस्त हुआ किरोड़ा पुल के पास आरबीएम से बनाया अस्थायी बंधा। विज्ञप्ति
- फोटो : TANAKPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टनकपुर (चंपावत)। शारदा खनन में दूसरे दिन भी खनिज निकासी का कार्य जारी रहा। वन निगम के खनन प्रभाग ने शनिवार से कालाझाला में नवनिर्मित निकासी गेट भी खोल दिया है। नए गेट से पांच पहले दिन पांच वाहनों से खनिज निकासी की है।
नवनिर्मित निकासी गेट खुलने के बाद अब शारदा के डाउनस्ट्रीम से खनिज निकासी के लिए तौल कांटों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। खनन प्रबंधक हरीश पाल ने बताया कि कालाझाला का नवनिर्मित निकासी गेट भी शनिवार से विधिवत खोल दिया गया है। इस नए गेट में दो तौल कांटे लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नवनिर्मित कालाझाला गेट से निकासी करने वाले वाहन सैनिक छावनी मार्ग से होकर हाईवे से बनबसा और खटीमा क्षेत्र की ओर खनिज आपूर्ति करेंगे। कालाझाला खनन गेट खुलने से अब टनकपुर शहर क्षेत्र में खनिज वाहनों का दबाव कम हो जाएगा।
विज्ञापन
इससे अक्सर पैदा होने वाली जाम की स्थिति से लोगों को छुटकारा मिलेगा। वहीं कारोबारियों को भी खनिज निकासी के लिए तौल कांटों पर वाहनों की लंबी कतार से होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी।
विज्ञापन
नवनिर्मित निकासी गेट खुलने के बाद अब शारदा के डाउनस्ट्रीम से खनिज निकासी के लिए तौल कांटों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। खनन प्रबंधक हरीश पाल ने बताया कि कालाझाला का नवनिर्मित निकासी गेट भी शनिवार से विधिवत खोल दिया गया है। इस नए गेट में दो तौल कांटे लगाए गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि नवनिर्मित कालाझाला गेट से निकासी करने वाले वाहन सैनिक छावनी मार्ग से होकर हाईवे से बनबसा और खटीमा क्षेत्र की ओर खनिज आपूर्ति करेंगे। कालाझाला खनन गेट खुलने से अब टनकपुर शहर क्षेत्र में खनिज वाहनों का दबाव कम हो जाएगा।
विज्ञापन
इससे अक्सर पैदा होने वाली जाम की स्थिति से लोगों को छुटकारा मिलेगा। वहीं कारोबारियों को भी खनिज निकासी के लिए तौल कांटों पर वाहनों की लंबी कतार से होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी।