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कालाझाला गेट के वाहन भी अब टनकपुर बैराज के रास्ते करेंगे खनिज निकासी
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शारदा खनन में कालाझाला गेट से बंद किए निकासी मार्ग का निरीक्षण करते प्रभारी तहसीलदार पिंकी आर्य?
- फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। शारदा खनन में कालाझाला निकासी मार्ग विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार को प्रशासन, खनन, वन विभाग की संयुक्त टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया, लेकिन सैनिक छावनी पुल के रास्ते खनिज निकासी पर सहमति नहीं बन सकी।
नदी किनारे निकासी मार्ग बनाने की बात पर सैलानीगोठ नईबस्ती के ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। इसके बाद तय हुआ है कि अब कालाझाला गेट से खनिज निकासी करने वाले वाहन भी टनकपुर बैराज से ही चलेंगे। हालांकि बैराज शुल्क पर अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है।
शारदा खनन क्षेत्र में नवनिर्मित कालाझाला गेट से सैनिक छावनी पुल के रास्ते खनिज निकासी पर एनएचपीसी ने चैनल तटबंध और पुल की सुरक्षा का हवाला देकर मार्ग बंद कर दिया है। एनएचपीसी की ओर से वसूले जाने वाले बैराज शुल्क पर भी विवाद है।
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समस्या सुलझाने के लिए प्रभारी तहसीलदार पिंकी आर्या, खनन प्रबंधक हरीश आदि अधिकारियों ने शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण कर वैकल्पिक मार्ग की संभावना तलाशी, लेकिन सैलानीगोठ नईबस्ती के ग्रामीणों ने नदी किनारे निकासी मार्ग बनाने का विरोध कर दिया।
उनका कहना था कि पहले ही सीमांकन पीलरों के बाहर से खनन कर गांव के लिए खतरा पैदा किया जा रहा है। यदि नदी किनारे निकासी मार्ग बना तो गांव के पास तक से खनन होने लगेगा। खनन प्रबंधक ने बताया कि अब कालाझाला गेट से निकासी करने वाले वाहन भी टनकपुर बैराज के रास्ते खनिज निकासी करेंगे, इसके लिए रास्ता बनाया जाएगा।
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नदी किनारे निकासी मार्ग बनाने की बात पर सैलानीगोठ नईबस्ती के ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। इसके बाद तय हुआ है कि अब कालाझाला गेट से खनिज निकासी करने वाले वाहन भी टनकपुर बैराज से ही चलेंगे। हालांकि बैराज शुल्क पर अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है।
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शारदा खनन क्षेत्र में नवनिर्मित कालाझाला गेट से सैनिक छावनी पुल के रास्ते खनिज निकासी पर एनएचपीसी ने चैनल तटबंध और पुल की सुरक्षा का हवाला देकर मार्ग बंद कर दिया है। एनएचपीसी की ओर से वसूले जाने वाले बैराज शुल्क पर भी विवाद है।
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समस्या सुलझाने के लिए प्रभारी तहसीलदार पिंकी आर्या, खनन प्रबंधक हरीश आदि अधिकारियों ने शुक्रवार को स्थलीय निरीक्षण कर वैकल्पिक मार्ग की संभावना तलाशी, लेकिन सैलानीगोठ नईबस्ती के ग्रामीणों ने नदी किनारे निकासी मार्ग बनाने का विरोध कर दिया।
उनका कहना था कि पहले ही सीमांकन पीलरों के बाहर से खनन कर गांव के लिए खतरा पैदा किया जा रहा है। यदि नदी किनारे निकासी मार्ग बना तो गांव के पास तक से खनन होने लगेगा। खनन प्रबंधक ने बताया कि अब कालाझाला गेट से निकासी करने वाले वाहन भी टनकपुर बैराज के रास्ते खनिज निकासी करेंगे, इसके लिए रास्ता बनाया जाएगा।