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कहीं जौलासाल से तो नहीं जुड़े हैं पूर्णागिरि में दिखे संदिग्धों के तार!
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Sat, 10 Sep 2016 11:01 PM IST
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जौलासाल रेंज के जंगल में संदिग्धों की घुसपैठ और जंगल में हथियार बनाने की फैक्ट्री होने का पता चलने के बाद यह सवाल तेजी से उभरा है कि कहीं एक माह पहले पूर्णागिरि धाम में दिखाई दिए तीन संदिग्धों के तार भी जौलासाल रेंज के संदिग्धों से तो नहीं जुड़े हैं।
इस आशंका से पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सीधे इनकार नहीं कर रही है। यदि ऐसा है तो संदिग्धों के तार जौलासाल से लेकर नेपाल तक जुड़े होने की आशंका को भी नकारा नहीं जा सकता है।
23 अगस्त को मां पूर्णागिरि धाम में तीन संदिग्धों के दिखाई देने का मामला सामने आया था। इन संदिग्धों ने भैरव मंदिर क्षेत्र में स्थित ठेके में संचालित केएमवीएन के पर्यटक आवास गृह मेें रात को आकर ठेकेदार के कर्मचारी किशन जोशी पुत्र होशियार जोशी को धमकाते हुए खाना बनाने को कहा था। उनका कहना था कि वे तीन दिन से भूखे हैं। भयभीत कर्मचारी किशन किसी तरह वहां से भागकर भैरव मंदिर बाजार पहुंचा और दुकानदारों को इसके बारे में बताया। जब दुकानदारों को लेकर किशन पर्यटक आवास गृह पहुंचा तो तीनों संदिग्ध फरार हो चुके थे। अगले दिन पुलिस, एसएसबी, खुफिया विभाग की टीम ने जंगल में कांबिंग की, लेकिन संदिग्धों का पता नहीं चला। इसके बाद पूर्णागिरि मार्ग के बाटनागाड़ रोखड़े में एक व्यक्ति को भी मुंह पर कपड़ा बांधे दो संदिग्धों के दिखाई देने की बात भी चर्चा में आई थी। अब जौलासाल के जंगल में 15-16 हथियारबंद संदिग्धों को देखे जाने की सूचना और जंगल में हथियार बनाने का सामान मिलने से सुरक्षा तंत्र की नींद उड़ गई है।
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इधर, दोगाड़ी एवं शारदा रेंज के जंगल की सीमा भी जौलासाल से लगी होने से पुलिस और वन विभाग की टीम यहां भी सर्च अभियान में लगी है। आशंका है कि जौलासाल में सघन कांबिंग से संदिग्ध शारदा रेंज के जंगल के रास्ते नेपाल की ओर भाग सकते हैं। शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य ने बताया कि वन विभाग की टीम जंगल में लगातार कांबिंग कर रही है। पुलिस और खुफिया विभाग की टीम के साथ भी सेनापानी के जंगल तक कांबिंग की गई, लेकिन संदिग्धों के बारे में कुछ पता नहीं चला।
पूर्णागिरि में दिखे संदिग्धों के तार जौलासाल में दिखे संदिग्धों से जुड़े होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। शारदा एवं दोगाड़ी रेंज के जंगल में नियमित कांबिंग की जा रही है। नेपाल सीमा से लगे जंगल के चोर रास्तों पर भी निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग और पूर्णागिरि से लगे बार्डर क्षेत्र में तैनात एसएसबी को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। -आरएस रौतेला, सीओ टनकपुर।
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इस आशंका से पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सीधे इनकार नहीं कर रही है। यदि ऐसा है तो संदिग्धों के तार जौलासाल से लेकर नेपाल तक जुड़े होने की आशंका को भी नकारा नहीं जा सकता है।
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23 अगस्त को मां पूर्णागिरि धाम में तीन संदिग्धों के दिखाई देने का मामला सामने आया था। इन संदिग्धों ने भैरव मंदिर क्षेत्र में स्थित ठेके में संचालित केएमवीएन के पर्यटक आवास गृह मेें रात को आकर ठेकेदार के कर्मचारी किशन जोशी पुत्र होशियार जोशी को धमकाते हुए खाना बनाने को कहा था। उनका कहना था कि वे तीन दिन से भूखे हैं। भयभीत कर्मचारी किशन किसी तरह वहां से भागकर भैरव मंदिर बाजार पहुंचा और दुकानदारों को इसके बारे में बताया। जब दुकानदारों को लेकर किशन पर्यटक आवास गृह पहुंचा तो तीनों संदिग्ध फरार हो चुके थे। अगले दिन पुलिस, एसएसबी, खुफिया विभाग की टीम ने जंगल में कांबिंग की, लेकिन संदिग्धों का पता नहीं चला। इसके बाद पूर्णागिरि मार्ग के बाटनागाड़ रोखड़े में एक व्यक्ति को भी मुंह पर कपड़ा बांधे दो संदिग्धों के दिखाई देने की बात भी चर्चा में आई थी। अब जौलासाल के जंगल में 15-16 हथियारबंद संदिग्धों को देखे जाने की सूचना और जंगल में हथियार बनाने का सामान मिलने से सुरक्षा तंत्र की नींद उड़ गई है।
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इधर, दोगाड़ी एवं शारदा रेंज के जंगल की सीमा भी जौलासाल से लगी होने से पुलिस और वन विभाग की टीम यहां भी सर्च अभियान में लगी है। आशंका है कि जौलासाल में सघन कांबिंग से संदिग्ध शारदा रेंज के जंगल के रास्ते नेपाल की ओर भाग सकते हैं। शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य ने बताया कि वन विभाग की टीम जंगल में लगातार कांबिंग कर रही है। पुलिस और खुफिया विभाग की टीम के साथ भी सेनापानी के जंगल तक कांबिंग की गई, लेकिन संदिग्धों के बारे में कुछ पता नहीं चला।
पूर्णागिरि में दिखे संदिग्धों के तार जौलासाल में दिखे संदिग्धों से जुड़े होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है। शारदा एवं दोगाड़ी रेंज के जंगल में नियमित कांबिंग की जा रही है। नेपाल सीमा से लगे जंगल के चोर रास्तों पर भी निगरानी रखी जा रही है। वन विभाग और पूर्णागिरि से लगे बार्डर क्षेत्र में तैनात एसएसबी को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। -आरएस रौतेला, सीओ टनकपुर।