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जो बोले सो निहाल से गुंजायमान रहा श्रीरीठा साहिब
ब्यूराे/अमर उजाला, श्रीरीठा साहिब (चंपावत)।
Updated Fri, 20 May 2016 10:23 PM IST
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अखंड पाठ की लड़ी, सबद-कीर्तन जारी
- फोटो : अमर उजाला
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श्रीरीठा साहिब गुरुद्वारे में शुक्रवार को मुख्य मेला हुआ। सिख समागम ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल ’ के नारों की गुंजायमान रही। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से हजारों श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में मत्था टेका। श्री गुरुग्रंथ साहिब के पाठ की लड़ी शुरू होने के साथ नानकमत्ता सहित विभिन्न स्थलों से आए जत्थे के प्रतिनिधियों ने गुरुग्रंथ साहिब की अमृतवाणी के अलावा श्रीरीठा साहिब गुरुद्वारे का इतिहास बताया। अखंड शबद-कीर्तन भी जारी रहा।
अकाल तख्त साहिब अमृतसर के मुख्य जत्थेदार ज्ञानी गुरुवचन सिंह का यहां पहुंचने पर बाबा श्याम सिंह और अन्य संतों ने भावपूर्ण स्वागत किया गया। दरबार साहिब में सिख समागम को संबोधित करते हुए कहा कि सिख धर्म की उत्पत्ति ही सेवा और त्याग के लिए हुई है। इस स्थान में सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव जी ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति के बल पर रीठे की कड़वाहट में मिठास भरकर दुनिया को मिलकर रहने का संदेश दिया। अलग-अलग स्थानों से आए जत्थेदारों ने भी संगत को संबोधित किया।
सिख समागम में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड आदि गुरुद्वारे के प्रमुख संतों ने भी विचार रखे। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से बाबा तरसेम सिंह, हरदेव सिंह, सतनाम सिंह, अजीतपाल सिंह, गुरविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, परमजीत सिंह पम्मा सहित कई संतों ने भी विचार रखे। यहां लगे लंगर में बड़ी तादात में लोग प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
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एयर सेवा से जुड़े श्रीरीठा साहिब : जत्थेदार गुरुवचन
श्रीरीठा साहिब (चंपावत)। अमृतसर स्वर्ण मंदिर के अकाल तख्त के मुख्य जत्थेदार गुरुवचन सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के पवित्र सिख तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब, नानकमत्ता, और श्रीरीठा साहिब गुरुद्वारे को हवाई सेवा से जोड़ा जाना चाहिए। श्रीरीठा साहिब में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीरीठा साहिब गुरुद्वारे में जोड़ मेले के अलावा भी नियमित रूप से यात्री पहुंचते हैं, लेकिन यहां सुविधाओं की बेहद कमी है। श्रीरीठा साहिब में साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग, स्वास्थ्य सहित अन्य जरूरी सुविधाओं को प्रशासनिक स्तर पर बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने तीर्थाटन और पर्यटन विस्तार के लिए श्रीरीठा साहिब में स्वीकृत हेलीपैड के शीघ्र निर्माण की वकालत की। मुख्य जत्थेदार गुरुवचन सिंह ने कहा कि श्रीरीठा साहिब में बुनियादी सुविधाओं की कमी तीर्थस्थल और पर्यटकों के लिए परेशानी की वजह बनती है। गुरुद्वारे की अपनी व्यवस्थाओं से जरूर लोगों को राहत मिलती है। उन्होंने यहां सरकारी पर्यटक स्थल की भी जरूरत बताई।
मुड़ियानी में हजारों श्रद्धालुओं ने लंगर छका
चंपावत। यहां से करीब सात किलोमीटर दूर मुड़ियानी में गुरु रामदास सेवा समिति ऊधमसिंह नगर के नेतृत्व में लंगर शुरू हो गया है। कुलवीर सिंह व बलवंत सिंह के नेतृत्व में लगे लंगर में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। लंगर में जलेबी, पुड़ी, हलवा, पकोड़ी आदि का प्रसाद दिया जा रहा है। लंगर 21 मई तक चलेगा। सेवा में परमजीत सिंह, सुखविंदर, मनविंदर, प्रभजोत, गुरविंदर, कुलदीप सिंह, प्रवेश सिंह, बलराज सिंह, कैप्टन अर्जुन सिंह, पाला सिंह, गुरजीत सिंह आदि हाथ बंटा रहे हैं। इसके अलावा भी टनकपुर-श्रीरीठा साहिब मोटर मार्ग के बीच सात स्थानों पर भंडारा लगाया गया है।
अकाल तख्त साहिब अमृतसर के मुख्य जत्थेदार ज्ञानी गुरुवचन सिंह का यहां पहुंचने पर बाबा श्याम सिंह और अन्य संतों ने भावपूर्ण स्वागत किया गया। दरबार साहिब में सिख समागम को संबोधित करते हुए कहा कि सिख धर्म की उत्पत्ति ही सेवा और त्याग के लिए हुई है। इस स्थान में सिख धर्म के संस्थापक गुरुनानक देव जी ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति के बल पर रीठे की कड़वाहट में मिठास भरकर दुनिया को मिलकर रहने का संदेश दिया। अलग-अलग स्थानों से आए जत्थेदारों ने भी संगत को संबोधित किया।
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सिख समागम में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड आदि गुरुद्वारे के प्रमुख संतों ने भी विचार रखे। गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी की ओर से बाबा तरसेम सिंह, हरदेव सिंह, सतनाम सिंह, अजीतपाल सिंह, गुरविंदर सिंह, कुलदीप सिंह, परमजीत सिंह पम्मा सहित कई संतों ने भी विचार रखे। यहां लगे लंगर में बड़ी तादात में लोग प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
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एयर सेवा से जुड़े श्रीरीठा साहिब : जत्थेदार गुरुवचन
श्रीरीठा साहिब (चंपावत)। अमृतसर स्वर्ण मंदिर के अकाल तख्त के मुख्य जत्थेदार गुरुवचन सिंह ने कहा कि उत्तराखंड के पवित्र सिख तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब, नानकमत्ता, और श्रीरीठा साहिब गुरुद्वारे को हवाई सेवा से जोड़ा जाना चाहिए। श्रीरीठा साहिब में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि श्रीरीठा साहिब गुरुद्वारे में जोड़ मेले के अलावा भी नियमित रूप से यात्री पहुंचते हैं, लेकिन यहां सुविधाओं की बेहद कमी है। श्रीरीठा साहिब में साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग, स्वास्थ्य सहित अन्य जरूरी सुविधाओं को प्रशासनिक स्तर पर बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने तीर्थाटन और पर्यटन विस्तार के लिए श्रीरीठा साहिब में स्वीकृत हेलीपैड के शीघ्र निर्माण की वकालत की। मुख्य जत्थेदार गुरुवचन सिंह ने कहा कि श्रीरीठा साहिब में बुनियादी सुविधाओं की कमी तीर्थस्थल और पर्यटकों के लिए परेशानी की वजह बनती है। गुरुद्वारे की अपनी व्यवस्थाओं से जरूर लोगों को राहत मिलती है। उन्होंने यहां सरकारी पर्यटक स्थल की भी जरूरत बताई।
मुड़ियानी में हजारों श्रद्धालुओं ने लंगर छका
चंपावत। यहां से करीब सात किलोमीटर दूर मुड़ियानी में गुरु रामदास सेवा समिति ऊधमसिंह नगर के नेतृत्व में लंगर शुरू हो गया है। कुलवीर सिंह व बलवंत सिंह के नेतृत्व में लगे लंगर में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। लंगर में जलेबी, पुड़ी, हलवा, पकोड़ी आदि का प्रसाद दिया जा रहा है। लंगर 21 मई तक चलेगा। सेवा में परमजीत सिंह, सुखविंदर, मनविंदर, प्रभजोत, गुरविंदर, कुलदीप सिंह, प्रवेश सिंह, बलराज सिंह, कैप्टन अर्जुन सिंह, पाला सिंह, गुरजीत सिंह आदि हाथ बंटा रहे हैं। इसके अलावा भी टनकपुर-श्रीरीठा साहिब मोटर मार्ग के बीच सात स्थानों पर भंडारा लगाया गया है।