{"_id":"58c195014f1c1b187bdc6b15","slug":"irrigation-system-stalled-from-ns-broadcaster-in-gyanakheda","type":"story","status":"publish","title_hn":" एनएस चौड़ीकरण से ज्ञानखेड़ा में सिंचाई व्यवस्था ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनएस चौड़ीकरण से ज्ञानखेड़ा में सिंचाई व्यवस्था ठप
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Thu, 09 Mar 2017 11:16 PM IST
विज्ञापन
सिंचाई
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
एनएच चौड़ीकरण कार्य ने ज्ञानखेड़ा ग्राम सभा के आधे क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को बाधित कर दिया है। एनएच क्रास कर सड़क के पूर्वी छोर पर जलापूर्ति के लिए निकाली गई सिंचाई गूल एक माह से बंद पड़ी है। इन दिनों तैयार हो रही गेहूं की फसल की अंतिम सिंचाई का वक्त है, लेकिन सिंचाई व्यवस्था ठप होने से फसल चौपट हो रही है। एसडीएम, नलकूप और एनएच विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहे किसान खासे परेशान हैं।
सितारगंज-टनकपुर एनएच चौड़ीकरण कार्य से सड़क की दशा में सुधार की उम्मीद से लोग खुश तो हैं, लेकिन पूर्व नियोजित योजना न बनाए जाने के कारण विकास के इस कार्य से जनसुविधाओं पर भी खासा प्रभाव पड़ा है। ज्ञानखेड़ा ग्रामसभा के किसान एक माह से फसल सिंचाई की परेशानी का सामना कर रहे हैं, लेकिन कोई उनका सुधलेवा नहीं है। बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी ने बताया कि सड़क क्रास कर ज्ञानखेड़ा के पूर्वी छोर के हिस्से को निकाली गई सिंचाई गूल (साइफर) एक माह से बंद पड़ी है। सिंचाई की और कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने से किसानों की फसल चौपट हो रही है। राजेंद्र अधिकारी, विश्राम चंद, देवी दत्त जोशी, प्रताप सिंह, महेश बहुगुणा, त्रिलोचन त्रिपाठी, मोहन अधिकारी, हेमेंद्र जुकरान आदि किसानों ने बताया कि गूल दुरुस्त कराने को वे अधिकारियों के कई चक्कर काट चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
एनएच से बजट मिलने पर ही गूल की मरम्मत संभव
नलकूप विभाग के उपखंड अधिकारी सीडी जोशी का कहना है कि सिंचाई गूल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत को विभाग के पास बजट नहीं है और एनएच विभाग से इसके लिए बजट नहीं मिल पाया है। एनएच को गूल की मरम्मत के लिए बजट का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर ही गूल को दुरुस्त कराने का काम संभव हो पाएगा।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट मैनेजर ने गंभीरता से लिया मामला
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक पीएस पांडेय ने क्षतिग्रस्त सिंचाई गूल से किसानों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि अब तक यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। तत्काल जानकारी जुटाकर क्षतिग्रस्त गूल की मरम्मत के लिए नलकूप विभाग को बजट जारी कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सितारगंज-टनकपुर एनएच चौड़ीकरण कार्य से सड़क की दशा में सुधार की उम्मीद से लोग खुश तो हैं, लेकिन पूर्व नियोजित योजना न बनाए जाने के कारण विकास के इस कार्य से जनसुविधाओं पर भी खासा प्रभाव पड़ा है। ज्ञानखेड़ा ग्रामसभा के किसान एक माह से फसल सिंचाई की परेशानी का सामना कर रहे हैं, लेकिन कोई उनका सुधलेवा नहीं है। बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी ने बताया कि सड़क क्रास कर ज्ञानखेड़ा के पूर्वी छोर के हिस्से को निकाली गई सिंचाई गूल (साइफर) एक माह से बंद पड़ी है। सिंचाई की और कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने से किसानों की फसल चौपट हो रही है। राजेंद्र अधिकारी, विश्राम चंद, देवी दत्त जोशी, प्रताप सिंह, महेश बहुगुणा, त्रिलोचन त्रिपाठी, मोहन अधिकारी, हेमेंद्र जुकरान आदि किसानों ने बताया कि गूल दुरुस्त कराने को वे अधिकारियों के कई चक्कर काट चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
एनएच से बजट मिलने पर ही गूल की मरम्मत संभव
नलकूप विभाग के उपखंड अधिकारी सीडी जोशी का कहना है कि सिंचाई गूल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत को विभाग के पास बजट नहीं है और एनएच विभाग से इसके लिए बजट नहीं मिल पाया है। एनएच को गूल की मरम्मत के लिए बजट का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर ही गूल को दुरुस्त कराने का काम संभव हो पाएगा।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट मैनेजर ने गंभीरता से लिया मामला
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक पीएस पांडेय ने क्षतिग्रस्त सिंचाई गूल से किसानों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि अब तक यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। तत्काल जानकारी जुटाकर क्षतिग्रस्त गूल की मरम्मत के लिए नलकूप विभाग को बजट जारी कराने की कार्रवाई की जाएगी।