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हादसों को आमंत्रण दे रही है कीचड़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Tue, 09 Jan 2018 10:29 PM IST
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बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान पानी डालने से हुआ कीचड़
- फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच बनाई जा रही बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान उठने वाली धूल और मिट्टी के गुबार से बचने के लिए डाला जा रहा पानी कीचड़ बनकर वाहन दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहा है। मंगलवार को बनलेख और मुडियानी के बीच हुए भारी कीचड़ के कारण एक मैक्स वाहन और बाइक सवार में टक्कर हो गई। अलबत्ता दुर्घटना में किसी को गंभीर चोटें तो नहीं आई लेकिन बाइक सवार बाल-बाल बच गया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्यदायी कंपनी की लापरवाही के कारण सड़क पर कई स्थानों में कीचड़ हो गया है। इससे वाहन चालकों के साथ ही पैदल चलने वाले राहगीरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धौन के पास तो इतना अधिक कीचड़ हो गया है कि हर समय दुर्घटना का भय बना हुआ है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि संबंधित निर्माणदायी कंपनी को इस संबंध में पूर्व में भी निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि धूल और मिट्टी से बचाव के लिए जरूरत के अनुसार ही पानी डाला जाएगा। यदि कहीं पर कीचड़ पाया जाएगा तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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मलबे में दब गया है टनकपुर-अस्कोट पैदल मार्ग
बारहमासी सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी कर मलबे को डंपिंग जोन के बजाय सीधे खाई में फेंके जाने से पुराने समय से चला रहा टनकपुर-अस्कोट पैदल मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया है। जिस कारण धौन, बनलेख, मुडियानी आदि गांवों के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश चंद्र जोशी का कहना है कि टनकपुर-अस्कोट मार्ग में मलबे के कारण विभिन्न गांवों के बीच संपर्क मार्ग खत्म हो गया है। उन्होंने इस संबंध में कार्रवाई की मांग की है।