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चीड़ की गुलिया के अवैध कारोबार का भंडाफोड़
अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)।
Updated Sat, 02 Sep 2017 11:03 PM IST
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टनकपुर कोतवाली में सीज किया गया चीड़ की गुलिया से लदा ट्रक।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध गुलिया (चीड़ की लकड़ी का गूदा) से लदा ट्रक पकड़ा है। बरामद गुलिया शहर के एक जड़ी-बूटी व्यापारी के यहां बेचने को लाई जा रही थी। फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए ट्रक को मय गुलिया के एमवी एक्ट के तहत सीज कर छानबीन शुरू कर दी है। इधर, एसपी रामचंद्र राजगुरु नेे मुकदमा दर्ज करने के साथ ही जांच कर इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसपी ने ट्रक और गुलिया के कागजात के साथ रिपोर्ट भी तलब की है।
शनिवार को एसडीएम अनिल चन्याल, सीओ आरएस रौतेला और कोतवाल शहर की मस्जिदों में ईद की नमाज अदा कराने के बाद लौट रहे थे। इसी बीच उन्हें पंजाब नेशनल बैंक के पास गुलिया से लदा एलपी ट्रक (यूके 05 सीए/8465) खड़ा दिखाई दिया। जैसे ही वे ट्रक के पास पहुंचे तो चालक ट्रक में चाबी लगी छोड़ कर वहां से भाग निकला। चालक के भागने से पैदा हुए संदेह पर एसडीएम ने पुलिस को ट्रक को कब्जे में लेने के निर्देश दिए। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि छानबीन में ट्रक में अवैध गुलिया मिली। रवन्ना और ट्रांजिट शुल्क में 50 क्विंटल गुलिया अंकित है, जबकि पुलिस ने वजन कराया तो ट्रक में गुलिया का वजन 130 क्विंटल पाया गया है। कोतवाल ने बताया कि पकड़ी गई गुलिया अमोड़ी से टनकपुर में एक व्यापारी के यहां बेचने को लाई गई थी। फिलहाल ट्रक को मय गुलिया के एमवी एक्ट के तहत सीज किया गया है। ट्रक में लदी गुलिया की वैधता की जांच की जा रही है। एसपी का कहना है कि टनकपुर पुलिस से ट्रक के कागजात और उसमें लदी गुलिया की पत्रावलियां मंगाई गई है। जांच में अवैध वन उपज पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वन उपज के अवैध कारोबार में लगे व्यापारियों में हड़कंप
अवैध गुलिया से लदे ट्रक के पकड़े जाने के बाद जड़ी-बूटी के अवैध कारोबार में लगे व्यापारियों में खासा हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक इस धंधे में लगे कारोबारी अब अपने गोदामों में डंप अवैध वन उपज को ठिकाने लगाने की जुगत में जुट गए हैं।
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नशे में धुत्त होकर कोतवाली पहुंचा ट्रक चालक, मेडिकल हुआ
पुलिस द्वारा पकड़े गए गुलिया लदे ट्रक का चालक चंद्रमणी नशे में धुत्त होकर कोतवाली पहुंचा। एसडीएम और पुलिस की गाड़ी देख मौके से फरार हुआ चालक कुछ देर बाद शराब पीकर खुद कोतवाली पहुंचा। कोतवाल ने बताया कि नशे में पाए जाने पर ट्रक चालक का मेडिकल कराया गया है। रिपोर्ट में नशे की पुष्टि होने पर चालक का लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के तीन चेकपोस्ट पार कर पहुंचा था ट्रक
अवैध गुलिया से लदा ट्रक अमोड़ी से टनकपुर तक वन विभाग की तीन चेकपोस्टों से होकर टनकपुर पहुंचा था। ऐसे में इन चेकपोस्टों में तैनात कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
हवन सामग्री समेत कई ज्वलनशील सामग्री बनाने में होता है उपयोग
ज्वलनशील लकड़ी होने से चीड़ की गुलिया का उपयोग हवन सामग्री, माचिस की तिली आदि ज्वलनशील सामग्री बनाने में होता है। कुमाऊं में न सिर्फ चीड़ के जंगल अधिक है, बल्कि किसानों की नाप भूमि पर भी चीड़ के पेड़ लगे है। इस कारण यहां गुलिया का कारोबार भी बड़े पैमाने पर होता है। जड़ी-बूटी कारोबारी चीड़ की गुलिया का भी बड़े स्तर पर कारोबार करते हैं। बता दें कि वन विभाग द्वारा किसानों को नाप भूमि पर लगे चीड़ के पेड़ों को ही काटने और अभिवहन की अनुमति देता है। इसके लिए विभाग द्वारा जांच कर पेड़ों का छपान किया जाता है। जांच में यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि किसान ने चीड़ के जिन पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए आवेदन किया है वह पेड़ वास्तव में नाप भूमि पर है या नहीं।
शनिवार को एसडीएम अनिल चन्याल, सीओ आरएस रौतेला और कोतवाल शहर की मस्जिदों में ईद की नमाज अदा कराने के बाद लौट रहे थे। इसी बीच उन्हें पंजाब नेशनल बैंक के पास गुलिया से लदा एलपी ट्रक (यूके 05 सीए/8465) खड़ा दिखाई दिया। जैसे ही वे ट्रक के पास पहुंचे तो चालक ट्रक में चाबी लगी छोड़ कर वहां से भाग निकला। चालक के भागने से पैदा हुए संदेह पर एसडीएम ने पुलिस को ट्रक को कब्जे में लेने के निर्देश दिए। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि छानबीन में ट्रक में अवैध गुलिया मिली। रवन्ना और ट्रांजिट शुल्क में 50 क्विंटल गुलिया अंकित है, जबकि पुलिस ने वजन कराया तो ट्रक में गुलिया का वजन 130 क्विंटल पाया गया है। कोतवाल ने बताया कि पकड़ी गई गुलिया अमोड़ी से टनकपुर में एक व्यापारी के यहां बेचने को लाई गई थी। फिलहाल ट्रक को मय गुलिया के एमवी एक्ट के तहत सीज किया गया है। ट्रक में लदी गुलिया की वैधता की जांच की जा रही है। एसपी का कहना है कि टनकपुर पुलिस से ट्रक के कागजात और उसमें लदी गुलिया की पत्रावलियां मंगाई गई है। जांच में अवैध वन उपज पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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वन उपज के अवैध कारोबार में लगे व्यापारियों में हड़कंप
अवैध गुलिया से लदे ट्रक के पकड़े जाने के बाद जड़ी-बूटी के अवैध कारोबार में लगे व्यापारियों में खासा हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक इस धंधे में लगे कारोबारी अब अपने गोदामों में डंप अवैध वन उपज को ठिकाने लगाने की जुगत में जुट गए हैं।
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नशे में धुत्त होकर कोतवाली पहुंचा ट्रक चालक, मेडिकल हुआ
पुलिस द्वारा पकड़े गए गुलिया लदे ट्रक का चालक चंद्रमणी नशे में धुत्त होकर कोतवाली पहुंचा। एसडीएम और पुलिस की गाड़ी देख मौके से फरार हुआ चालक कुछ देर बाद शराब पीकर खुद कोतवाली पहुंचा। कोतवाल ने बताया कि नशे में पाए जाने पर ट्रक चालक का मेडिकल कराया गया है। रिपोर्ट में नशे की पुष्टि होने पर चालक का लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के तीन चेकपोस्ट पार कर पहुंचा था ट्रक
अवैध गुलिया से लदा ट्रक अमोड़ी से टनकपुर तक वन विभाग की तीन चेकपोस्टों से होकर टनकपुर पहुंचा था। ऐसे में इन चेकपोस्टों में तैनात कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।
हवन सामग्री समेत कई ज्वलनशील सामग्री बनाने में होता है उपयोग
ज्वलनशील लकड़ी होने से चीड़ की गुलिया का उपयोग हवन सामग्री, माचिस की तिली आदि ज्वलनशील सामग्री बनाने में होता है। कुमाऊं में न सिर्फ चीड़ के जंगल अधिक है, बल्कि किसानों की नाप भूमि पर भी चीड़ के पेड़ लगे है। इस कारण यहां गुलिया का कारोबार भी बड़े पैमाने पर होता है। जड़ी-बूटी कारोबारी चीड़ की गुलिया का भी बड़े स्तर पर कारोबार करते हैं। बता दें कि वन विभाग द्वारा किसानों को नाप भूमि पर लगे चीड़ के पेड़ों को ही काटने और अभिवहन की अनुमति देता है। इसके लिए विभाग द्वारा जांच कर पेड़ों का छपान किया जाता है। जांच में यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि किसान ने चीड़ के जिन पेड़ों को काटने की अनुमति के लिए आवेदन किया है वह पेड़ वास्तव में नाप भूमि पर है या नहीं।