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अब भी मिट्टी तेल के लैंप से करते हैं उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Sat, 17 Sep 2016 10:44 PM IST
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विद्युत सुविधा से वंचित लोहाघाट विकासखंड का पल्ली मौड़ा तोक।
- फोटो : अमर उजाला
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ग्राम पंचायत मौड़ा के पल्ली मौड़ा तोक के 20 से अधिक परिवार आज भी बिजली की सुविधा से वंचित हैं।
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बिजली न होने के कारण यहां के लोग आजादी के बाद से मिट्टी तेल के लैंप जलाते आ रहे है। इस बीच यहां से एक दर्जन से अधिक परिवार अन्यत्र जा चुके है। गांव की 80 वर्षीय नंदा आमा के गांव से मोह बने रहने के कारण इनके बच्चों ने गांव नहीं छोड़ा है।
इनका फौजी बेटा उत्तम सिंह सेना में जाने से पूर्व इस तोक को बिजली की सुविधा की मांग करता था। अब वह फौज से रिटायर होकर आ चुका है। उसे मोबाइल चार्ज कराने और टीवी के समाचार देखने के लिए एक किमी दूर नाला पार करते हुए वल्ली मौड़ा जाना पड़ता है। यही स्थिति अन्य लोगों की भी है।
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ग्राम प्रधान खीम नाथ का कहना है कि वे हर मंच से इस समस्या को उठाते आ रहे है। मिट्टी तेल के दीयों से निकलने वाले कार्बन से कुछ लोगों की आंखें खराब हो गई है तथा उन्हें सांस की बीमारी भी हो गई है। गांव छोड़ चुके खड़क सिंह, प्रेम सिंह, डूंगर सिंह, राम सिंह, तेज सिंह का कहना है कि यदि गांव में बिजली आती है तो वे फिर से अपनी माटी से जुड़ेंगे।
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बीएडीपी में शामिल किया गया है प्रस्ताव
बिजली विभाग के एसडीओ एचएस सौन के अनुसार मौड़ा, मड़चमार और मटियानी गांव के विद्युत सुविधा से वंचित तोकों के विद्युतीकरण का प्रस्ताव बीएडीपी में शामिल किया गया है। स्वीकृति मिलने पर बिजली की सुविधा दी जाएगी।