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..काश जनरेटर नहीं चल रहा होता तो बच सकती थी जान
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Fri, 16 Mar 2018 11:08 PM IST
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दोहरे हत्याकांड के बाद आक्रोशित परिजनों औेर आम लोगों को समझाते विधायक पूरन सिंह फत्र्याल।
- फोटो : अमर उजाला
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शुक्रवार को खेतीखान सहकारी बैंक में हुए दोहरे हत्याकांड के समय यदि बिजली नहीं गई होती और बैंक के अंदर जनरेटर नहीं चल रहा होता तो शायद चपरासी राजेंद्र वर्मा की जान बच जाती। आरोपी दिनेश सिंह बोहरा ने जब बैंक में घुसकर कैशियर ललित बिष्ट को गोली मारी उस समय बिजली नहीं होने के कारण जनरेटर चल रहा था। जनरेटर के शोर में बंदूक की गोली की आवाज दबकर रह गई।
कैशियर को गोली मारने के बाद आरोपी गार्ड ने एक नाली बंदूक में फिर से कारतूस लोड किया और बंदूक को लहराते हुए बैंक के बाहर आ गया। बैंक के भीतर गोली चलने की जानकारी किसी को नहीं होने के कारण आरोपी आराम से बैंक से करीब 100 मीटर की दूरी तक लहराते हुए पहुंचा और दुकान के बाहर बैठे चपरासी राजेंद्र वर्मा के समीप पहुंच कर तत्काल उसे गोली मार दी। आरोपी ने दोनों के सिर से बंदूक सटाकर गोली मारी कि मृतक बैंककर्मियों को बचाव करना तो दूर चीखने तक का मौका नहीं मिला।
अच्छा साइबर एक्सपर्ट भी था कैशियर ललित
चंपावत। मृतक आश्रित के रूप में कैशियर के पद पर तैनात ललित बिष्ट कंप्यूटर इंटरनेट की जानकारी रखने के साथ ही अच्छा साइबर एक्सपर्ट भी था। जिले में सहकारी बैंक की किसी भी शाखा में कंप्यूटर अथवा इंटरनेट संबंधी खराबी आने पर ललित की सेवाएं ली जाती थी।
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व्हाट्सएप पर नौ बजकर 51 मिनट तक थे ऑन लाइन
चंपावत। बैंक कैशियर ललित सिंह शुक्रवार को सुबह नौ बजकर 51 मिनट तक व्हाट्सएप में ऑनलाइन थे। बताया जाता है कि ललित सुबह साढ़े नौ बजे के बाद बैंक में पहुंच गए थे। वह अपनी कुर्सी में बैठकर मोबाइल फोन पर काम कर रहे थे कि पीछे से आरोपी ने सिर में गोली मार दी।
गार्ड के सनकीपन ने ले ली दो कर्मियों की जान
चंपावत। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बैंक का गार्ड सनकी होने के साथ-साथ अक्सर शराब के नशे में रहता था। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बैंक कर्मियों से पहले से विवाद होने की बात कही है। लेकिन वह विवाद क्या है यह बता नहीं पाया। इससे स्पष्ट है कि गार्ड के सनकीपन ने दो बैंक कर्मियों की जान ले ली।
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला मामला
चंपावत। खेतीखान में दोहरे हत्याकांड का मामला सोशल मीडिया पर आग लगने की तेजी से फैला। घटना होने के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया के जरिये लोगों को खेतीखान की शांत वादियों में हुई इस घटना जानकारी हो गई।
घटना का समय चक्र:
सुबह 9.30 बजे -बैंक की शाखा खुली और गार्ड दिनेश बोहरा ने ही बैंक का ताला खोला।
सुबह 9.45 बजे -बैंक के कैशियर ललित सिंह बिष्ट पहुंचे और अपनी सीट पर बैठ गए।
सुबह 10.01 बजे-बैंक के गार्ड दिनेश ने कैशियर ललित को गोली मारी।
सुबह 10.10 बजे- गार्ड दिनेश बैंक से बाहर निकला, उसने बैंक से 100 मीटर दूर जाकर चपरासी राजेंद्र वर्मा को गोली मारी और फरार हो गया।
सुबह 10.15 बजे- प्रत्यक्षदर्शियों ने लोहाघाट थाना पुलिस को सूचना दी।
सुबह 10.30 बजे- लोहाघाट से पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
सुबह 10.45 बजे -एडीएम, एसपी, एसडीएम सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तथा विधायक आदि मौके पर पहुंचे।
सुबह 11 बजे -पुलिस ने घटना स्थल को सील करने के साथ पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की।
अपराह्न एक बजे-पुलिस ने आरोपी को उसके मानर गांव स्थित आवास से हिरासत में लिया।
कैशियर को गोली मारने के बाद आरोपी गार्ड ने एक नाली बंदूक में फिर से कारतूस लोड किया और बंदूक को लहराते हुए बैंक के बाहर आ गया। बैंक के भीतर गोली चलने की जानकारी किसी को नहीं होने के कारण आरोपी आराम से बैंक से करीब 100 मीटर की दूरी तक लहराते हुए पहुंचा और दुकान के बाहर बैठे चपरासी राजेंद्र वर्मा के समीप पहुंच कर तत्काल उसे गोली मार दी। आरोपी ने दोनों के सिर से बंदूक सटाकर गोली मारी कि मृतक बैंककर्मियों को बचाव करना तो दूर चीखने तक का मौका नहीं मिला।
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अच्छा साइबर एक्सपर्ट भी था कैशियर ललित
चंपावत। मृतक आश्रित के रूप में कैशियर के पद पर तैनात ललित बिष्ट कंप्यूटर इंटरनेट की जानकारी रखने के साथ ही अच्छा साइबर एक्सपर्ट भी था। जिले में सहकारी बैंक की किसी भी शाखा में कंप्यूटर अथवा इंटरनेट संबंधी खराबी आने पर ललित की सेवाएं ली जाती थी।
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व्हाट्सएप पर नौ बजकर 51 मिनट तक थे ऑन लाइन
चंपावत। बैंक कैशियर ललित सिंह शुक्रवार को सुबह नौ बजकर 51 मिनट तक व्हाट्सएप में ऑनलाइन थे। बताया जाता है कि ललित सुबह साढ़े नौ बजे के बाद बैंक में पहुंच गए थे। वह अपनी कुर्सी में बैठकर मोबाइल फोन पर काम कर रहे थे कि पीछे से आरोपी ने सिर में गोली मार दी।
गार्ड के सनकीपन ने ले ली दो कर्मियों की जान
चंपावत। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बैंक का गार्ड सनकी होने के साथ-साथ अक्सर शराब के नशे में रहता था। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बैंक कर्मियों से पहले से विवाद होने की बात कही है। लेकिन वह विवाद क्या है यह बता नहीं पाया। इससे स्पष्ट है कि गार्ड के सनकीपन ने दो बैंक कर्मियों की जान ले ली।
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैला मामला
चंपावत। खेतीखान में दोहरे हत्याकांड का मामला सोशल मीडिया पर आग लगने की तेजी से फैला। घटना होने के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया के जरिये लोगों को खेतीखान की शांत वादियों में हुई इस घटना जानकारी हो गई।
घटना का समय चक्र:
सुबह 9.30 बजे -बैंक की शाखा खुली और गार्ड दिनेश बोहरा ने ही बैंक का ताला खोला।
सुबह 9.45 बजे -बैंक के कैशियर ललित सिंह बिष्ट पहुंचे और अपनी सीट पर बैठ गए।
सुबह 10.01 बजे-बैंक के गार्ड दिनेश ने कैशियर ललित को गोली मारी।
सुबह 10.10 बजे- गार्ड दिनेश बैंक से बाहर निकला, उसने बैंक से 100 मीटर दूर जाकर चपरासी राजेंद्र वर्मा को गोली मारी और फरार हो गया।
सुबह 10.15 बजे- प्रत्यक्षदर्शियों ने लोहाघाट थाना पुलिस को सूचना दी।
सुबह 10.30 बजे- लोहाघाट से पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
सुबह 10.45 बजे -एडीएम, एसपी, एसडीएम सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तथा विधायक आदि मौके पर पहुंचे।
सुबह 11 बजे -पुलिस ने घटना स्थल को सील करने के साथ पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की।
अपराह्न एक बजे-पुलिस ने आरोपी को उसके मानर गांव स्थित आवास से हिरासत में लिया।