फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   How will bin accessible toilets clean water

बिन पानी कैसे होगा सुलभ शौचालय साफ

Sun, 11 Oct 2015 10:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Sun, 11 Oct 2015 10:30 PM IST
विज्ञापन

एक साल से अधिक हो गया स्वच्छ भारत अभियान शुरू हुए। शौचालयों के बनने की गति में तेजी तो आई, लेकिन कई जगह पहले से बने शौचालयों की गंदगी का इलाज नहीं खोजा जा सका। जिला मुख्यालय के सार्वजनिक शौचालय बेहद बुरे हाल में है। साफ-सफाई का बुरा आलम है। यात्री और दूसरे लोग दुर्गंध के बीच इन शौचालयों का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। वजह इन शौचालयों को साफ करने के लिए पानी तक की व्यवस्था का न होना है।

विज्ञापन


टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर शांत बाजार एक प्रकार से मिनी बस स्टेशन है। यहां रोजाना दर्जनों बस और दूसरे वाहन पार्क होते हैं। खाने के होटल, मिठाई और चाय की दुकानें हैं पर अब इस शौचालय की हालत खराब है। इस सुलभ शौचालय में तो सफाई के लिए पानी तक नहीं है। पानी का कनेक्शन पांच साल पूर्व कट चुका है। शौचालय कर्मी अर्जुन का कहना है कि पानी की व्यवस्था शौचालय के पास के मांडेक्स हैंडपंप से हो रही है। इस वजह से न केवल सफाई प्रभावित हो रही है बल्कि पानी भरने में भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
विज्ञापन


2008 में 10 लाख रुपये से बने हाईटैक शौचालय में 10 टायॅलेटस और मूत्रालय बनाए गए, लेकिन अब इनमें से ज्यादातर की हालत ठीक नहीं है। दो टायॅलेटस में दरवाजे भी टूट चुके हैं। दो महिला शौचालयों के फर्श टूटे हुए हैं। ऐसे में वे इस्तेमाल लायक नहीं है। शौचालय को संचालित करने वाली मानव सेवा संस्थान के प्रतिनिधि वर्षों से यहां आए नहीं, जिस कारण कनेक्शन जोड़ने की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पानी बिल का 21 हजार बकाया
जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर एसएस थापा ने बताया कि शांत बाजार के सार्वजनिक शौचालय पर पानी के बिल का 21 हजार रुपये से अधिक बकाया है। इस रकम को जमा नहीं करने पर मार्च 2010 में कनेक्शन काट दिया गया। कई बार तकाता करने के बाद भी पालिका ने रकम जमा नहीं कराई।

मूत्रालय भी टूटे

शांत बाजार में सार्वजनिक शौचालय के बाहर लोगों के लिए दो मूत्रालय बने थे, लेकिन ये भी टूट गए हैं और अब इनका भी अमूमन उपयोग नहीं होता है।

पहल करेगा प्रशासन

प्रशासन शांत बाजार के सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्थागत खामियों को ठीक कराने की बात कर रहा है। मानव सेवा संस्था के संचालन में अक्षम होने पर नगर पालिका से मंत्रणा कर जिम्मेदारी किसी अन्य संस्था को देने पर विचार होगा।


चल रही नए शौचालयों की प्रक्रिया
नगर में शौचालयों की पर्याप्त संख्या नहीं है। इस वजह से नागरिकों को दिक्कत हो रही है। दो स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय की प्रक्रिया चल रही है।

पालिका करे संचालन
दुकानदार सतीश तिवारी ने कहा कि शौचालय में सफाई नहीं होने से आसपास भी दुर्गंध होती है। दुकानों को अपने खर्चे पर अलग से साफ-सफाई करनी पड़ रही है। उन्होंने शौचालय में पानी से लेकर सफाई तक की व्यवस्था नगर पालिका द्वारा कराने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed