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बिना वेतन कैसे मनेगी अतिथि शिक्षकों की दिवाली
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत/लोहाघाट
Updated Sun, 08 Nov 2015 10:25 PM IST
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माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने वाले अतिथि शिक्षकों को खाली जेब ज्योति पर्व मनाना होगा। जिले में करीब 300 अतिथि शिक्षकों को अगस्त में विभिन्न विद्यालयों में मात्र 89 दिनों के अनुबंध पर नियुक्त किया गया था, जिसकी मियाद 20 नवंबर तक पूरी हो जाएगी।
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अब तक इन शिक्षकों को मानदेय के रूप में पहली पगार तक नहीं मिल पाई है। शासन द्वारा शुरू में इन शिक्षकों को 150 रुपये प्रति पीरियड प्रवक्ता एवं 125 रुपये एलटी शिक्षक को देने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन यह व्यवस्था कारगर न होने से अब इन शिक्षकों को 15 हजार रुपये नियत मानदेय देने पर विचार किया जा रहा है।
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राजकीय इंटर कॉलेज मछियाड़ में प्रधानाचार्य को छोड़कर शेष सभी 12 अतिथि शिक्षकों के सहारे 168 छात्रों का भविष्य संवारा जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्र जीआईसी चौड़ाकोट और पनियां में 10-10, जीआईसी बिनवालगांव में 6 तथा चौड़ामेहता में 4 अतिथि शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं, यदि शासन द्वारा समय रहते अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया जाता है, तो दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में बना स्वस्थ शैक्षिक माहौल खत्म हो सकता है।
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बजट नहीं मिलने से अतिथि शिक्षकों का मानदेय फिलहाल नहीं दिया जा सका है। शासन से मानदेय का पैसा रिलीज हो गया। शिक्षा निदेशालय से यह धन जिलों को आवंटित किया जाएगा। इस प्रक्रिया में करीब एक हफ्ता लग जाएगा। -नवीन चंद्र पाठक, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।