Weather Today: अंधड़ के साथ तेज बारिश ने मचाई तबाही, मलबा आने स टनकपुर-चंपावत मार्ग नौ घंटे रहा बंद
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उत्तराखंड में चंपावत और पिथौरागढ़ क्षेत्र में मंगलवार रात अंधड़ के साथ हुई तेज बारिश ने काफी तबाही मचाई। मलबे और बारिश के कारण चंपावत जिले में तीन सड़कें बंद हैं। वहीं पिथौरागढ़ जिले में पांच सड़कें बंद हैं।
बारिश से आठवें मील के पास जगह-जगह मलबा आने से टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग साढ़े नौ घंटे बंद रहा। अंधड़ से सूखीढांग क्षेत्र के गांवों में फलदार पेड़ धराशायी हो गए। मलबे से बस्तिया गांव की पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई।
बारिश से उफनाए किरोड़ा नाले ने गैड़ाखाली और थ्वालखेड़ा में हाथी से सुरक्षा के लिए लगाई गई सोलर फेंसिंग लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। पूर्णागिरि मार्ग पर बाटनागाड़ नाले की चपेट में आने से सड़क का काफी हिस्सा बह गया है।
उधर, भारी बारिश के बाद मुनस्यारी और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। मुनस्यारी सड़क हरड़िया के नयाबस्ती के पास मलबा आने से नौ घंटे बंद रही। हल्द्वानी जाने वाले टैक्सी वाहनों को सड़क खुलने के लिए कई घंटे इंतजार करना पड़ा।
किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया
उधर, खटीमा क्षेत्र में अंधड़ के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों की लहलहाती धान एवं गन्ने की फसल डूबने के साथ ही पानी में गिरकर सड़ने लगी है। भारतीय किसान यूनियन ब्लॉक अध्यक्ष गुरुसेवक सिंह ने डीएम को संबोधित पत्र एसडीएम निर्मला बिष्ट को सौंपा और मुआवजे की मांग की है।
वहीं, वर्ष 1948 में लगाया आम का पेड़ मंगलवार रात आए तूफान में धराशायी हो गया। क्षेत्र में 24 घंटों के दौरान 118 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, 11 हजार वोल्टेज की लाइन में पहेनिया और जमौर के पास इंसुलेटर पंक्चर होने से कई गांवों की बिजली छह घंटे तक गुल हो गई। इधर, शांतिपुरी के जवाहरनगर क्षेत्र में भी बारिश से धान की खड़ी फसल जमीन पर पसर गई है। अल्मोड़ा में सिकुड़ा बैंड पर स्थित पार्किंग में पहाड़ी का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। इससे आसपास के घर भी हिल गए।