{"_id":"5736061d4f1c1bbc6b9199e0","slug":"having-a-full-day-in-the-water-system","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी की व्यवस्था में बीत रहा पूरा दिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी की व्यवस्था में बीत रहा पूरा दिन
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 13 May 2016 10:21 PM IST
विज्ञापन
पानी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर में पेयजल संकट ने लोगों की परेशानी बढ़ाई है। अधिकांश समय पानी का इंतजाम करने में ही लग रहा है। लोगों को चौथे दिन पानी मिल रहा है। पानी के लिए नर्सरी गधेरे, अक्कल धारा, हैंडपंपों और नौलों में घंटों लाइन में लगने को मजबूर हैं। कई लोग तो वाहनों को लेकर बाराकोट आदि स्थानों से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं।
विज्ञापन
नगर को हर रोज 1620 किलोलीटर पानी की आवश्यकता है, इसके विपरीत मात्र 450 केएल ही पानी मिल पा रहा है। जिसमें चौड़ी लिफ्ट योजना से 400 केएल, ऋषेश्वर नलकूप से 35 केएल तथा फोर्ती योजना से 15 केएल पानी मिल रहा है। जबकि टैंकरों से पानी मेन टैंक में डाला जा रहा है।
विज्ञापन
सभासद विमल कलौनी, रेनू गड़कोटी, पार्वती रावत, परवीन, मनोज कुमार, रमा गोर्खा, बल्लू करायत का कहना है कि उनके मोहल्लों में हर तीसरे या चौथे दिन जल संस्थान को जलापूर्ति की जा रही हैं। उसमें भी लोगों को मात्र 30-40 मिनट ही पानी मिल पा रहा है। जूनियर इंजीनियर पवन बिष्ट का कहना है कि लाइनों में टुल्लू पंप लगाना गैर कानूनी है। पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन