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चरस तस्कर को दस साल सश्रम कारावास की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Tue, 28 Jun 2016 11:24 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल ने चरस तस्करी के एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जिसकी अदायगी न किए जाने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास की सजा भोगनी होगी।
दो जून 2013 को बनबसा पुलिस ने नियमित गश्त के दौरान एनएचपीसी कैनाल कालोनी के पास दीवान सिंह पुत्र रामकिशन निवासी लोहियाहेड खटीमा की तलाश ली तो उसके पास से एक किलो चरस बरामद हुई। इस संबंध में पुलिस की ओर से अभियुक्त को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज किया। उसके बाद जेले भेज दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस मामले में अधिवक्ताओं की दलीलों और साक्ष्यों के अनुसार अभियुक्त को दस साल सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनील खर्कवाल ने पैरवी की।
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दो जून 2013 को बनबसा पुलिस ने नियमित गश्त के दौरान एनएचपीसी कैनाल कालोनी के पास दीवान सिंह पुत्र रामकिशन निवासी लोहियाहेड खटीमा की तलाश ली तो उसके पास से एक किलो चरस बरामद हुई। इस संबंध में पुलिस की ओर से अभियुक्त को हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज किया। उसके बाद जेले भेज दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस मामले में अधिवक्ताओं की दलीलों और साक्ष्यों के अनुसार अभियुक्त को दस साल सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुनील खर्कवाल ने पैरवी की।
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