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चंपावत जिले में कम बिका आतिशबाजी का सामान
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत/टनकपुर
Updated Thu, 12 Nov 2015 10:10 PM IST
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दिवाली पर्व पर हालांकि, देर रात तक आतिशबाजी हुई, मगर इस बार बम-पटाखे बीते वर्षों से कम फूंके गए। पिछले वर्ष की तुलना में करीब 25 प्रतिशत आतिशबाजी कम हुई। दिवाली में पिछले साल चंपावत जिले में करीब 40 लाख रुपये की आतिशबाजी हुई, जो इस बार घटकर तकरीबन 30 लाख रुपये तक आ पहुंची। इसकी वजह जागरूकता के अलावा महंगाई रही। कारोबारियों का कहना है कि बम-पटाखों की ऊंची कीमतों ने भी लोगों को कम पटाखे खरीदने को मजबूर किया।
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उधर, टनकपुर में दीपावली पर आतिशबाजी के प्रति युवाओं के घटते रुझान से जहां आतिशबाजी का कारोबार मंदा रहा, वहीं बाजार में भी इस बार ज्यादा रौनक नहीं दिखाई दी। व्यापारियों के अनुसार दो वर्ष पूर्व तक करीब एक करोड़ तक पहुंचने वाला पटाखों का कारोबार इस बार सिमटकर 25 लाख रुपये के आसपास ही रहा, जो गत वर्ष की तुलना में करीब साठ प्रतिशत कम है। वहीं दूध और मावे से बनी मिठाइयों से ज्यादा ड्राईफ्रूट और दूध रहित मिठाइयों के कारोबार में बढ़ोतरी रही। शहर में इस बार आतिशबाजी की 32 दुकानें लगी, लेकिन बिक्री कम हुई है।
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पटाखा विक्रेता संजय कुमार उर्फ चीनू ने बताया कि गत वर्ष पटाखों की दुकान से अच्छा मुनाफा होने पर वे इस बार डेढ़ लाख रुपये के पटाखे लाए थे, लेकिन कारोबार से मुनाफा तो दूर लागत पूंजी भी वसूल नहीं हो पाई है। मिठाई विक्रेता मोनू अग्रवाल के मुुताबिक इस बार मिठाई का कारोबार बढ़ा, लेकिन दूध रहित बेसन की सोनपपड़ी की मांग ज्यादा रही। खोखा-ठेला फड़ समिति के अध्यक्ष मुस्तफा अंसारी के मुताबिक फलों का कारोबार गत वर्ष से अधिक रहा। बाजार में फलों के चालीस ठेले लगे थे। फल विक्रेता राजा के मुताबिक मंडी से करीब पांच लाख रुपये के फल आए थे, जो लगभग सभी बिक गए। फल सस्ते होने और दीपावली पर्व माह के दूसरे सप्ताह में पड़ने से कारोबार अच्छा रहा।
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नेपाल में नहीं होती है आतिशबाजी
टनकपुर (चंपावत)। पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के पश्चिमांचल में भी दीपावली का पर्व तो मनाया जाता है, मगर वहां आतिशबाजी नहीं होती है। भारत से आतिशबाजी का सामान नेपाल ले जाने पर प्रतिबंध होने से वहां के लोग पूजा और साज-सज्जा का सामान तो ले जाते हैं, लेकिन पटाखे नहीं खरीदते हैं। लक्ष्मी पूजा और घरों को रोशनी से सजाकर दीपावली मनाई जाती है। नेपाल के सीमांत क्षेत्र के मकान दीपावली पर रोशनी से जगमग नजर आए।