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गोल्ज्यू संदेश यात्रा दो मई को पहुंचेगी चंपावत
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श्री गोल्ज्यू संदेश यात्रा के लिए चंपावत में संपर्क करते आयोजन समिति के पदाधिकारी। संवाद न्यूज ?
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत/लोहाघाट। इंसाफ के देव गोरलदेव के दरबार में श्री गोल्ज्यू संदेश यात्रा दो मई को पहुंचेगी। इस यात्रा का शुभारंभ पिथौरागढ़ जिले के बौना गांव से 25 अप्रैल को होगा। यात्रा संयोजक और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जीएस मर्तोलिया आईबी के सेवानिवृत्त अधिकारी श्याम सुंदर रौतेला ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य उत्तराखंड की संस्कृति के संरक्षण के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा और विरासत को बरकरार रखना है। इसके लिए आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार को यहां व्यापार मंडल अध्यक्ष और पूर्व चेयरमैन प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में कई संगठनों से संपर्क किया।
दो मई को चंपावत के गोल्ज्यू मंदिर के बाद यात्रा कुमाऊं-गढ़वाल के कई तीर्थ स्थलों में जाएगी। यात्रा का समापन छह मई को घोड़ाखाल के चितई मंदिर में होगा। शिल्पकार, मूर्तिकार, लोहार, जगरिये, डंगरिए, लोकगायक, लोकनर्तक, वाद्ययंत्र बनाने वालों की पहचान कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यात्रा के हर पड़ाव में गोल्ज्यूकि पंचैत का आयोजन कर जरूरतों, उपलब्धताओं, अभावों को संकलित कर लिपिबद्ध किया जाएगा। जनसंपर्क में पूर्व चेयरमैन सुनील साह, मनमोहन सिंह, गौरव वर्मा, इंदुवर जोशी, संतोष पांडेय, नीरज जोशी आदि थे। लोहाघाट में शील ग्रामीण बेरोजगार कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल जोशी ने अध्यक्षता की। बैठक में बताया गया कि पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के निर्देशन में क्षेत्र में यात्रा का स्वागत किया जाएगा। बैठक में राजू अधिकारी, गिरीश ढेक, हेमा जोशी, तनुज जोशी सचिन जोशी, महेश अधिकारी आदि थे।
पूर्णागिरि मेले में उमड़े नेपाली श्रद्धालु
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पिछले तीन दिनों से मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में खासी गिरावट थी, लेकिन शनिवार को पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालुओं की संख्या अभी कम है। नेपाल में शनिवार को साप्ताहिक अवकाश का दिन होने के कारण सबसे ज्यादा श्रद्धालु नेपाल के कंचनपुर और आसपास के जिलों से पहुंचे हैं। शनिवार को भीड़ होने से चहलपहल और कारोबार पर इसका असर दिखा। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि मेले में श्रद्धालुओं की मदद के लिए प्रशासन के अलावा समिति के स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं।
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दो मई को चंपावत के गोल्ज्यू मंदिर के बाद यात्रा कुमाऊं-गढ़वाल के कई तीर्थ स्थलों में जाएगी। यात्रा का समापन छह मई को घोड़ाखाल के चितई मंदिर में होगा। शिल्पकार, मूर्तिकार, लोहार, जगरिये, डंगरिए, लोकगायक, लोकनर्तक, वाद्ययंत्र बनाने वालों की पहचान कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जाएगा। यात्रा के हर पड़ाव में गोल्ज्यूकि पंचैत का आयोजन कर जरूरतों, उपलब्धताओं, अभावों को संकलित कर लिपिबद्ध किया जाएगा। जनसंपर्क में पूर्व चेयरमैन सुनील साह, मनमोहन सिंह, गौरव वर्मा, इंदुवर जोशी, संतोष पांडेय, नीरज जोशी आदि थे। लोहाघाट में शील ग्रामीण बेरोजगार कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल जोशी ने अध्यक्षता की। बैठक में बताया गया कि पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के निर्देशन में क्षेत्र में यात्रा का स्वागत किया जाएगा। बैठक में राजू अधिकारी, गिरीश ढेक, हेमा जोशी, तनुज जोशी सचिन जोशी, महेश अधिकारी आदि थे।
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पूर्णागिरि मेले में उमड़े नेपाली श्रद्धालु
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पिछले तीन दिनों से मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में खासी गिरावट थी, लेकिन शनिवार को पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने देवी दर्शन किए। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालुओं की संख्या अभी कम है। नेपाल में शनिवार को साप्ताहिक अवकाश का दिन होने के कारण सबसे ज्यादा श्रद्धालु नेपाल के कंचनपुर और आसपास के जिलों से पहुंचे हैं। शनिवार को भीड़ होने से चहलपहल और कारोबार पर इसका असर दिखा। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि मेले में श्रद्धालुओं की मदद के लिए प्रशासन के अलावा समिति के स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं।
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