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एक कमरे में हो रही पांच कक्षाओं की पढ़ाई
योगेश जोशी/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 14 Sep 2016 10:46 PM IST
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चंपावत जीआईसी में एक ही कमरे में जमीन पर बैठे कक्षा छह से दस तक के बच्चों को पढ़ाते अतिथि शिक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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आदर्श विद्यालय चंपावत राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा छठीं से दसवीं तक की पांच कक्षाओं का संचालन इन दिनों एक कमरे में हो रहा है। 163 छात्रों को एकमात्र अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे हैं। ये नौबत 12 सितंबर से राजकीय शिक्षक संघ के कार्य बहिष्कार से आई है।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि एक कमरे में पांच कक्षाओं के होने से पढ़ाई से ज्यादा व्यवस्था बनाने में वक्त बर्बाद हो रहा है। वैसे कॉलेज के कुल 424 छात्र पांच अतिथि शिक्षकों के भरोसे हैं। पिछले सप्ताह एलटी और प्रवक्ता के रिक्त पांच पदों पर अतिथि शिक्षकों के जरिए तैनाती तो हुई। लेकिन राजकीय शिक्षकों के कार्य बहिष्कार ने हालात बिगाड़ दिए हैं।
यहां तैनात 19 शिक्षकों के हड़ताल में जाने से व्यवस्था बनाना बेहद कठिन हो रहा है। कक्षा छह से दस तक के 163 बच्चों को एक साथ बैठा कर किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। यहां तैनात पांच अतिथि शिक्षकों के सहारे व्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सीपी गहतोड़ी, प्रधानाचार्य, जीआईसी चंपावत
किराए में रह कर पढ़ाई करते हैं दूर के बच्चे
चंपावत। आठवीं के छात्र संजीव सिंह नेपाल सीमा से लगे तामली से यहां पढ़ने आए है। भविष्य की आस में वह यहां जूप में 1200 रुपये के किराए में रह कर पढ़ाई कर रहा है। संजीव कहता है कि वह रोज स्कूल आता है, लेकिन शिक्षकों की हड़ताल से पढ़ाई में व्यवधान हो रहा है। कमोबेश ऐसी ही स्थिति चौकी गांव के रहने वाले अनिल शर्मा की भी है। सातवीं में पढ़ने वाले अनिल का कहना है कि शिक्षकों की हड़ताल होने से पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है।
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अतिथि शिक्षकों का कहना है कि एक कमरे में पांच कक्षाओं के होने से पढ़ाई से ज्यादा व्यवस्था बनाने में वक्त बर्बाद हो रहा है। वैसे कॉलेज के कुल 424 छात्र पांच अतिथि शिक्षकों के भरोसे हैं। पिछले सप्ताह एलटी और प्रवक्ता के रिक्त पांच पदों पर अतिथि शिक्षकों के जरिए तैनाती तो हुई। लेकिन राजकीय शिक्षकों के कार्य बहिष्कार ने हालात बिगाड़ दिए हैं।
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यहां तैनात 19 शिक्षकों के हड़ताल में जाने से व्यवस्था बनाना बेहद कठिन हो रहा है। कक्षा छह से दस तक के 163 बच्चों को एक साथ बैठा कर किसी तरह से काम चलाया जा रहा है। यहां तैनात पांच अतिथि शिक्षकों के सहारे व्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सीपी गहतोड़ी, प्रधानाचार्य, जीआईसी चंपावत
किराए में रह कर पढ़ाई करते हैं दूर के बच्चे
चंपावत। आठवीं के छात्र संजीव सिंह नेपाल सीमा से लगे तामली से यहां पढ़ने आए है। भविष्य की आस में वह यहां जूप में 1200 रुपये के किराए में रह कर पढ़ाई कर रहा है। संजीव कहता है कि वह रोज स्कूल आता है, लेकिन शिक्षकों की हड़ताल से पढ़ाई में व्यवधान हो रहा है। कमोबेश ऐसी ही स्थिति चौकी गांव के रहने वाले अनिल शर्मा की भी है। सातवीं में पढ़ने वाले अनिल का कहना है कि शिक्षकों की हड़ताल होने से पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है।