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2017 तक मिलेगी खुले में शौच से मुक्ति
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Mon, 02 May 2016 10:16 PM IST
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स्वजल कार्यशाला
- फोटो : अमर उजाला
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत सोमवार को सीडीओ हरगोविंद भट्ट की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय कार्यशाला का आयोजन विकासखंड सभागार में किया गया। जिसमें क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान, ग्राम प्रहरी तथा जिलास्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। क्षेत्रीय विधायक हेमेश खर्कवाल ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। भारत सरकार ने राज्य के सात जिलों को 2017 तक ओडीएफ यानी की खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसमें मंडल के तीन जिले चंपावत, बागेश्वर और नैनीताल शामिल है।
सीडीओ ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की सभी 313 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ मुक्त करने हेतु विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश परियोजना प्रबंधक स्वजल को दिए। शौचालय विहीन परिवारों की सूची ग्राम पंचायत वार तैयार करने को कहा। स्वजल को उपलब्ध बजट में शत प्रतिशत शौचालय निर्माण नही किया जा सकता है, इसलिए मनरेगा, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ग्राम बदलाव तथा अन्य संबंधित योजनाओं के साथ लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने बताया कि ओडीएफ लक्ष्य हासिल करने में जिन ग्राम पंचायतों ने अच्छा कार्य किया है उन्हें विशेष प्रोत्साहन राशि भारत सरकार के माध्यम से दी जाएगी।
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परियोजना प्रबंधक स्वजल एमके गर्ग ने बताया कि जिले में कुल 19,672 शौचालयों का निर्माण 31 मार्च 2017 तक किया जाना है। उन्होंने कहा कि जिले में 84.82 प्रतिशत परिवारों को व्यक्तिगत शौचालयों से आच्छादन हो चुका है। जिसमें चंपावत में सबसे कम 79.23 प्रतिशत आच्छादन हुआ है। लोहाघाट में 87.27, बाराकोट में 91.25 तथा पाटी में 90.22 प्रतिशत परिवार व्यक्तिगत शौचालय से आच्छादित है। उन्होंने बताया कि तीन ग्राम पंचायतें सिमल्टा, ज्ञानखेड़ा तथा बिचई को जिले स्तर से सत्यापित कर खुले में शौच मुक्त किया जा चुका है।
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संबधित ग्राम प्रधानों को स्वच्छता प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया है। कार्यशाला का संचालन सुरेश यादव ने किया। इस अवसर पर सीएमओ विनोद सिंह टोलिया, बीडीओ शिल्पी पंत, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैली प्रजापति, स्वजल के मो. आरिफ, धीरज जोशी, अमित कुमार शाह, भुवन ओझा, बाग सिंह महर, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान उपस्थित थे।