टनकपुर (चंपावत)। बाघ और अन्य वन्यजीवों के आकलन के लिए भारतीय वन्य जीव संस्थान एवं जूलॉजिकल सोसायटी (जैडएसएल) की ओर से दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई है। इसका शुभारंभ वन्यजीव अभयारण्य के उपनिदेशक रामकृष्ण मौर्य ने किया। कार्यशाला में वनकर्मियों को वन्य जंतुओं की गणना संबंधी विभिन्न जानकारियों के अलावा उपकरणों के बारे प्रशिक्षित किया जा रहा है।
टनकपुर वन विश्राम भवन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में वनकर्मियों को कैमरा ट्रैप, रेंज फाइंडर, कंपास जीपीएस के बारे विस्तार से बताया गया। बाघ और अन्य वन्य प्राणियों की गणना एवं एसट्राइप एप के जरिए डिजिटल मोड की जानकारी दी गई। इसके अलावा इकोलॉजिकल एप आदि के बारे भी बताया गया। कार्यशाला में शारदा डांडा रेंज के वनकर्मियों ने प्रतिभाग किया। वन्यजीव संस्थान के डा. हरीश गुलेरिया, डा. नवीन जोशी, डा. रिचा सिंह, विवेक रंजन, अजय चौहान, हिमांशु कुमार, देवेंद्र ने वन कर्मियों को प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में शारदा रेंज के रेंजर महेश सिंह बिष्ट, उपराजिक कैलाश गुणवंत, वन दरोगा महेश सिंह अधिकारी, सुरेंद्र सिंह बोरा, कैलाश सिंह बिष्ट आदि थे।