{"_id":"59723f004f1c1b2e188b485b","slug":"foam-to-support-ultrasound-machine","type":"story","status":"publish","title_hn":"अल्ट्रासाउंड मशीन को बचाने के लिए पन्नी का सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अल्ट्रासाउंड मशीन को बचाने के लिए पन्नी का सहारा
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)
Updated Fri, 21 Jul 2017 11:20 PM IST
विज्ञापन
लोहाघाट सीएचसी में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बारी का इंतजार करती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
लोहाघाट (चंपावत)।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लंबे समय बाद रेडियोलॉजिस्ट के आने पर गर्भवती और अन्य लोगों को राहत तो मिल रही है, मगर अल्ट्रासाउंड कक्ष की बदहाली नई मुसीबत बन रही है। इस कक्ष की छत बरसात में टपकती है। अल्ट्रासाउंड मशीन और रोगियों को बारिश के पानी से बचाने के लिए प्लास्टिक की पन्नी डालकर काम चलाना पड़ रहा है। वहीं डार्करूम तकनीशियन को लोहाघाट भेजने के आदेश का पालन नहीं होने से अब भी एक्सरे मशीन शुरू नहीं हो सकी है। नतीजतन मरीजों को अब भी निजी अस्पतालों में एक्सरे कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इसके अलावा अस्पताल का जनरेटर भी शो-पीस बना है। बिजली जाने पर मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पैथोलॉजी रिपोर्ट लेने के लिए बिजली आने का इंतजार करना पड़ता है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डा.वीके जोशी के आने से लोगों को राहत जरूर मिल रही है, लेकिन अस्पताल में 13 डॉक्टरों में से दो डॉक्टर अवकाश में हैं। दो डॉक्टर चंपावत ट्रेनिंग में गए हैं, जबकि दो डॉक्टरों की जनसंख्या स्थिरीकरण कार्यक्रम के तहत ऊधमसिंह नगर में ड्यूटी लगाई गई है।
45 किमी दूर से आए, निजी अस्पताल में एक्सरे कराया
पाटी विकासखंड के बिरौली गांव से 45 किलोमीटर की दूरी तय कर लोहाघाट एक्सरे कराने आए बीपीएल परिवार के गोधन राम को शुक्रवार को काफी फजीहत झेलनी पड़ी। गोधन के पिता देव राम का कहना था कि बिरोली से लोहाघाट आने-जाने में एक व्यक्ति का 180 रुपये का किराया लगता है। एक्सरे की सुविधा नहीं होने पर उन्होंने मजबूरन निजी अस्पताल में एक्सरे कराया। वहीं, रीठा साहिब परेवा से आए विजय सिंह को भी एक्सरे के लिए बाहर जाना पड़ा। विजय का कहना था कि छत से गिरने से उसके कमर, छाती और सिर पर चोट लग गई थी। कमर और छाती का एक्सरे कराने लोहाघाट आए, लेकिन वहां एक्सरे नहीं हो पाया।
विज्ञापन
अल्ट्रासाउंड कक्ष की छत की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को कई बार लिखा जा चुका है। शीघ्र ही छत की मरम्मत की जाएगी। एक्सरे के लिए जरूरी सामग्री और स्टाफ की दिक्कत से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। शीघ्र ही अस्पताल में एक्सरे शुरू हो जाएंगे। -डा.मंजीत सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक, लोहाघाट।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में लंबे समय बाद रेडियोलॉजिस्ट के आने पर गर्भवती और अन्य लोगों को राहत तो मिल रही है, मगर अल्ट्रासाउंड कक्ष की बदहाली नई मुसीबत बन रही है। इस कक्ष की छत बरसात में टपकती है। अल्ट्रासाउंड मशीन और रोगियों को बारिश के पानी से बचाने के लिए प्लास्टिक की पन्नी डालकर काम चलाना पड़ रहा है। वहीं डार्करूम तकनीशियन को लोहाघाट भेजने के आदेश का पालन नहीं होने से अब भी एक्सरे मशीन शुरू नहीं हो सकी है। नतीजतन मरीजों को अब भी निजी अस्पतालों में एक्सरे कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इसके अलावा अस्पताल का जनरेटर भी शो-पीस बना है। बिजली जाने पर मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पैथोलॉजी रिपोर्ट लेने के लिए बिजली आने का इंतजार करना पड़ता है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डा.वीके जोशी के आने से लोगों को राहत जरूर मिल रही है, लेकिन अस्पताल में 13 डॉक्टरों में से दो डॉक्टर अवकाश में हैं। दो डॉक्टर चंपावत ट्रेनिंग में गए हैं, जबकि दो डॉक्टरों की जनसंख्या स्थिरीकरण कार्यक्रम के तहत ऊधमसिंह नगर में ड्यूटी लगाई गई है।
विज्ञापन
45 किमी दूर से आए, निजी अस्पताल में एक्सरे कराया
पाटी विकासखंड के बिरौली गांव से 45 किलोमीटर की दूरी तय कर लोहाघाट एक्सरे कराने आए बीपीएल परिवार के गोधन राम को शुक्रवार को काफी फजीहत झेलनी पड़ी। गोधन के पिता देव राम का कहना था कि बिरोली से लोहाघाट आने-जाने में एक व्यक्ति का 180 रुपये का किराया लगता है। एक्सरे की सुविधा नहीं होने पर उन्होंने मजबूरन निजी अस्पताल में एक्सरे कराया। वहीं, रीठा साहिब परेवा से आए विजय सिंह को भी एक्सरे के लिए बाहर जाना पड़ा। विजय का कहना था कि छत से गिरने से उसके कमर, छाती और सिर पर चोट लग गई थी। कमर और छाती का एक्सरे कराने लोहाघाट आए, लेकिन वहां एक्सरे नहीं हो पाया।
विज्ञापन
अल्ट्रासाउंड कक्ष की छत की मरम्मत के लिए उच्चाधिकारियों को कई बार लिखा जा चुका है। शीघ्र ही छत की मरम्मत की जाएगी। एक्सरे के लिए जरूरी सामग्री और स्टाफ की दिक्कत से एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। शीघ्र ही अस्पताल में एक्सरे शुरू हो जाएंगे। -डा.मंजीत सिंह, मुख्य चिकित्साधीक्षक, लोहाघाट।