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शिक्षक के घर में पांच फुट लंबा सांप घुसा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 19 Apr 2017 11:23 PM IST
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चंपावत जिला मुख्यालय के ग्यालीसेरान मोहल्ले में घर में घुसे सांप को पकड़ते स्थानीय युवक।
- फोटो : अमर उजाला
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यहां ग्यालीसेरान मोहल्ले में जीआईसी सिप्टी के शिक्षक सामश्रवा आर्य के आवास में पांच फुट लंबा सांप घुसने से हड़कंप मच गया। शिक्षक की पत्नी ने दोपहर दो बजे जैसे ही छत से कपड़े लाने के लिए पिछला दरवाजा खोला तो दरवाजे से सटे जीने की सीढ़ी पर चढ़ते ही पांच फुट लंबा सांप देखकर वह सकते में आ गई।
सामश्रवा ने पड़ोसी शिक्षक मोहन चंद्र जोशी व अन्य के सहयोग से उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन सांप जीने में रखे कबाड़ में छिप गया। उन्होंने वन विभाग को फोन कर सहायता मांगी, लेकिन विभाग की ओर से सांप पकड़ने के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षित नहीं होने का हवाला देते हुए मौके पर विभाग से किसी ने पहुंचना तक मुनासिब नहीं समझा।
बाद में उन्होंने केबल व्यवसायी नवल जोशी से संपर्क किया, जिन्होंने तत्काल सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंच कर एंटी स्नेक्स बिट उपकरण की सहायता से सांप को पकड़कर दूर जंगल में छोड़ दिया। नवल जोशी ने बताया कि पकड़ा गया सांप घोड़ा पछाड़ प्रजाति का था।
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वन विभाग के पास नहीं सांप पकड़ने के उपकरण
वन विभाग के पास तेंदुए को बेहोश करने वाले ट्रेंकुलाइजर गन की कमी के साथ ही सांप पकड़ने का कोई उपकरण नहीं है। वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन टम्टा के अनुसार विभागीय कर्मियों के पास सांप पकड़ने के उपकरण नहीं होने के साथ ही किसी भी कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्राप्त नहीं है।
दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में सांप के काटने पर लगाई जाने वाली एंटी बेनम की भी कमी है। इसके अलावा बंदरों और कुत्तों के काटने पर लगाई जाने वाले एंटी रैबीज भी उपलब्ध नहीं है।
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सामश्रवा ने पड़ोसी शिक्षक मोहन चंद्र जोशी व अन्य के सहयोग से उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन सांप जीने में रखे कबाड़ में छिप गया। उन्होंने वन विभाग को फोन कर सहायता मांगी, लेकिन विभाग की ओर से सांप पकड़ने के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षित नहीं होने का हवाला देते हुए मौके पर विभाग से किसी ने पहुंचना तक मुनासिब नहीं समझा।
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बाद में उन्होंने केबल व्यवसायी नवल जोशी से संपर्क किया, जिन्होंने तत्काल सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंच कर एंटी स्नेक्स बिट उपकरण की सहायता से सांप को पकड़कर दूर जंगल में छोड़ दिया। नवल जोशी ने बताया कि पकड़ा गया सांप घोड़ा पछाड़ प्रजाति का था।
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वन विभाग के पास नहीं सांप पकड़ने के उपकरण
वन विभाग के पास तेंदुए को बेहोश करने वाले ट्रेंकुलाइजर गन की कमी के साथ ही सांप पकड़ने का कोई उपकरण नहीं है। वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन टम्टा के अनुसार विभागीय कर्मियों के पास सांप पकड़ने के उपकरण नहीं होने के साथ ही किसी भी कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्राप्त नहीं है।
दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में सांप के काटने पर लगाई जाने वाली एंटी बेनम की भी कमी है। इसके अलावा बंदरों और कुत्तों के काटने पर लगाई जाने वाले एंटी रैबीज भी उपलब्ध नहीं है।