फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Farming in Champawat

अदरक की सामूहिक खेती के लिए घाटा दरकिनार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jul 2022 10:48 PM IST
विज्ञापन
Farming in Champawat
चंपावत। प्रमुख नकदी फसल अदरक की सामूहिक खेती चंपावत जिले में विफल रही है। इससे मुनाफा मिलना तो दूर नुकसान अधिक झेलना पड़ा है। कोरोना काल के दो साल में इस खेती में 97 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। इसके बावजूद सामूूहिक खेती का ये प्रयोग अभी बंद नहीं होगा बल्कि आगे भी जारी रहेगा।
विज्ञापन

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के सहयोग से सहकारिता विभाग ने राज्य समेकित विकास परियोजना के तहत वर्ष 2020 में पहली बार यहां अदरक की सामूहिक खेती शुरू की। इसका मकसद लोगों को रोजगार दिलाकर अदरक के बीज की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता कराना था।
विज्ञापन

सहकारिता विभाग के जिला सहायक निबंधक मनोहर सिंह मर्तोलिया ने बताया कि दो वर्षों में अदरक की खेती से पांच हजार रोजगार कार्य दिवसों का सृजन हुआ लेकिन इस खेती से 13 सहकारी समितियों को घाटा हुआ। खेती में खर्च रकम भी नहीं मिल सकी। इस कारण 14वीं समिति खतेड़ा ने अदरक की खेती ही छोड़ दी। बीज, श्रम आदि मदों पर हुए 85.90 लाख रुपये खर्च के सापेक्ष इसकी बिक्री से सिर्फ 2.09 लाख रुपये ही मिल सके। यानी 83.81 लाख रुपये का घाटा हुआ। करीब 1406 नाली भूमि पर 541.61 क्विंटल बीज लगाने के बाद महज 644 क्विंटल उत्पादन हुआ लेकिन योजना के विफल रहने के बावजूद इस खेती को बरकरार रखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

चंपावत की समितियों में पिछले दो साल में हुई खेती, उत्पादन, आय का ब्योरा
समिति रोपित बीज उत्पादन (क्विंटल) खर्च आय (लाख रुपये में)
टनकपुर 20.00 12 3.55 0.01
धूरा 40.60 80 8.33 0.00
कोटअमोड़ी 55.00 65 8.02 0.81
चंपावत 30.00 70 6.30 0.04
डुमडाई 54.00 80 7.73 0.23
दिगालीचौड़ 42.67 70 6.92 0.14
वल्सों 96.99 35 8.61 0.00
इंद्रपुरी 10.00 00 1.53 0.00
बांजगांव 20.00 00 1.43 0.00
रौलमेल 40.00 45 8.03 0.05
देवीधुरा 36.35 60 5.77 0.00
दुबड़ 30.00 45 5.53 0.00
चौड़ामेहता 66.00 82 14.15 0.81
कुल 541.61 644 85.90 2.09
इसलिए नाकाम रही योजना
तकनीकी विशेषज्ञों की कमी, विपणन सुविधा का अभाव, बीज को संरक्षित रखने के लिए स्थानीय गड्ढा विधि से संरक्षण, बेमौसमी अनियंत्रित बारिश, कोरोना काल में आए प्रवासी स्थानीय हालात में समायोजित नहीं हो सके।
475 हेक्टेयर क्षेत्र में होती है अदरक की खेती
चंपावत। जिले में 475 हेक्टेयर क्षेत्र में अदरक की खेती होती है। इसमें 3800 मीट्रिक टन पैदावार होती है। जिला उद्यान अधिकारी टीएन पांडेय का कहना है कि अदरक की खेती को नियोजित तरीके से बढ़ाया जा रहा है।

अदरक की खेती में शुरुआती नुकसान के बावजूद इसे दीर्घकालीन दृष्टि से आगे बढ़ाया जा रहा है। नुकसान के कारणों की पड़ताल कर कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। कुछ अन्य कदम उठाने से भविष्य में अदरक का बीज उत्पादन बढ़ेगा। इस काम में लगी समितियों को ब्याज मुक्त कर्ज भी उपलब्ध कराने की जरूरत है। - नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed