फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Farmers is not getting pestisides

किसानों को नहीं मिल पा रहीं कीटनाशक दवाएं 

Fri, 08 Mar 2019 10:27 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो  चंपावत। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Fri, 08 Mar 2019 10:27 PM IST
विज्ञापन
Farmers is not getting pestisides
पाटी के जौलामेल गांव में आड़ू के पेड़ में लगे फूल को दिखाते काश्तकार बहादुर सिंह मेहता। - फोटो : अमर उजाला

एक तरफ मोदी सरकार किसानों को मदद करने के लिए सालभर में तीन कि स्तों में छह हजार रुपये की मदद कर रही है। वहीं दूसरी ओर चंपावत जिले के बागवानी करने वाले किसानों को कीटनाशक दवाओं के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आड़ू के किसान उद्यान विभाग से गुहार लगाकर थक गए लेकिन उन्हें अभी तक कीटनाशक दवाएं नहीं मिल सकी हैं। उद्यान विभाग ने ये दवा अभी तक जिले के 12 सचल केंद्रों को नहीं भेजी है। अब दो दिन के भीतर दवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर इन किसानों ने मामले को कृषि मंत्री और डीएम के सम्मुख उठाने का निर्णय लिया है। 

विज्ञापन


चंपावत जिले में खेतीखान, लोहाघाट सहित कई जगहों में आड़ू की अच्छी पैदावार होती है। उद्यान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 514 हेक्टेयर में आड़ू की खेती होती है। इसमें इस बार कुल 929 मीट्रिक टन उत्पादन हुआ। अब किसान आड़ू के पेड़ों में कीटनाशक और फंफूदीनाशक दवाएं लगाने के लिए समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ये हाल भी तब है जब ये दवाएं चंपावत स्टाक पहुंची हैं लेकिन किसानों को नहीं मिल पा रही हैं।
विज्ञापन


खेतीखान के प्रशांत ओली, देवेंद्र ओली सहित कई किसानों का कहना है उद्यान विभाग उन्हें ये दवा मुहैया नहीं करा पा रहा है। किसानों का कहना है कि अगर एक हफ्ते के भीतर दवा न मिली तो उनकी फसल को नुकसान हो सकता है। उन्होंने दो दिन के भीतर दवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर मामले को कृषि मंत्री और डीएम के सम्मुख उठाने की चेतावनी दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


60 प्रतिशत अनुदान में मिलती है दवा 
उद्यान विभाग को 1025.50 कुंतल कीटनाशक दवा प्राप्त हुई है। इसके अलावा 666 लीटर कीटनाशक छिड़काव की दवा मिली है। करीब दो सप्ताह पूर्व ये दवा चंपावत के बफर स्टॉक में पहुंच गई, लेकिन अभी तक जिले के 12 सचल केंद्रों में नहीं पहुंच सकी है। जिले में चंपावत, मंच, बस्टिया, सूखीढांग, लोहाघाट, किमतोली, बाराकोट, चौमेल, रौसाल, भिंगराड़ा, देवीधुरा और खेतीखान सचल केंद्र हैं। सहायक उद्यान अधिकारी जानकी चंद ने बताया कि इन दवाओं में किसानों को 60 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है। 


मैं विभागीय कार्य से देहरादून गया हूं। आड़ू को रोगों से बचाव के लिए कीटनाशक दवाएं प्राप्त हो गई हैं। ये दवा सचल केंद्रों में क्यों नहीं पहुंच सकी हैं, इसका पता लगाया जाएगा। जल्द ही इन दवाओं को सचल केंद्रों में भेजकर किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। 
एनके आर्या, जिला उद्यान अधिकारी, चंपावत। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed