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मिसाल:वार्षिक श्राद्ध में फंसे मजदूरों को कराया भोजन
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लोहाघाट (चंपावत)। कोरोना वायरस के चलते लोग सोशल डिस्टेंसिंग का खूब पालन कर रहे हैं। यहां तक कि वार्षिक श्राद्ध में भी आवाजाही को एकदम सीमित कर दिया है। रविवार को यहां खूना गांव के हरीश सिंह बोहरा ने अपनी पत्नी कौशल्या देवी का वार्षिक श्राद्ध परिवार के चुनिंदा लोगों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रीति-रिवाज के साथ किया।
साथ ही श्राद्ध भोज में लोगों को न बुलाकर बीएनके अस्पताल में चल रहे राहत शिविर में मजदूरों को भोज कराकर मिसाल पेश की। स्वर्गीय कौशल्या के पति हरीश बोहरा, बेटे राकेश बोहरा, तिलकराज सिंह, भय्यू बोहरा औरा बोहरा मेडिकल स्टोर के स्वामी कैलाश बोहरा ने बताया कि रीति रिवाज के अनुसार वार्षिक श्राद्ध भोज में अपने रिश्तेदारों और शोक जताने वालों को भोज कराया जाता है। लेकिन लॉकडाउन के चलते सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वार्षिक श्राद्ध भोज कार्यक्रम स्थगित कर दिया। इसके बदले बीएनके की ओर से चलाए जा रहे राहत शिविर में मजदूरों को भोज कराया गया।
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साथ ही श्राद्ध भोज में लोगों को न बुलाकर बीएनके अस्पताल में चल रहे राहत शिविर में मजदूरों को भोज कराकर मिसाल पेश की। स्वर्गीय कौशल्या के पति हरीश बोहरा, बेटे राकेश बोहरा, तिलकराज सिंह, भय्यू बोहरा औरा बोहरा मेडिकल स्टोर के स्वामी कैलाश बोहरा ने बताया कि रीति रिवाज के अनुसार वार्षिक श्राद्ध भोज में अपने रिश्तेदारों और शोक जताने वालों को भोज कराया जाता है। लेकिन लॉकडाउन के चलते सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए वार्षिक श्राद्ध भोज कार्यक्रम स्थगित कर दिया। इसके बदले बीएनके की ओर से चलाए जा रहे राहत शिविर में मजदूरों को भोज कराया गया।
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