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Champawat News: मुड़ियानी में दिखे यूरेशियन जे तो चंपावत नगर में येलो ब्रेस्टेड ग्रीन फिंच
Thu, 29 Oct 2026 01:41 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:41 AM IST
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चंपावत। जिला मुख्यालय से सटे मुड़ियानी और नगर क्षेत्र में पहली बार यूरेशियन जे और येलो ब्रेस्टेड ग्रीन फिंच पक्षी देखे गए हैं। विशेषज्ञों ने आबादी के नजदीक इनकी मौजूदगी को जैव विविधता के लिए सकारात्मक संकेत बताया है। उन्होंने क्षेत्र में जैव विविधता के संरक्षण और अध्ययन के लिए अधिक प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुड़ियानी क्षेत्र में 21 अक्तूबर को मत्स्य केंद्र के कर्मचारी गोविंद जोशी ने यूरेशियन जे पक्षी को देखा था। कौवा परिवार से संबंध रखने वाला यह पक्षी सुंदर और बुद्धिमान माना जाता है। इसके चमकीले नीले पंख और आवाज की नकल करने की क्षमता इसे खास बनाती है। यह यूरोप और एशिया के अलावा भारत के हिमालयी क्षेत्रों के घने जंगलों में पाया जाता है। उत्तराखंड में यह एक स्थायी रूप से दिखाई देने वाला पक्षी है।
वहीं, नगर के गोरल मार्ग स्थित जीआईसी के प्रधानाचार्य उमेद सिंह बिष्ट के आवास पर पिछले सप्ताह येलो ब्रेस्टेड ग्रीन फिंच के जोड़े दिखाई दिए। ये पक्षी वहां सूरजमुखी के बीज खाते नजर आए। हालांकि, इनकी संख्या काफी कम थी।
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सूरजमुखी के बीज पसंदीदा भोजन
इस पक्षी के नर के शरीर का निचला हिस्सा चमकीला पीला होता है। इसके चेहरे पर पीला रंग और कान के पीछे गहरा काला धब्बा दिखाई देता है। पंखों पर पीली और काली धारियां होती हैं। मादा पक्षी का रंग अपेक्षाकृत धुंधला भूरा होता है और उसके शरीर पर धारियां होती हैं। ये पक्षी अक्सर झुंड में रहते हैं। सूरजमुखी के बीज इनके पसंदीदा भोजन में शामिल हैं। इसके अलावा ये भांग के बीज और मक्का भी खाते हैं। इनका प्रजनन काल मई से सितंबर के बीच बताया जाता है और सामान्यतः ये एक बार अंडे देते हैं।
मुड़ियानी क्षेत्र में यूरेशियन जे का दिखाई देना जैव विविधता के लिहाज से अच्छा संकेत है। इससे क्षेत्र की जैव विविधता की समृद्धि का पता चलता है। इस विषय पर अध्ययन करने की जरूरत है। पहले से भी कुछ पहलुओं पर अध्ययन किया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति को ऐसे पक्षियों के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो वह वन विभाग के साथ साझा कर सकता है। - सुनील कुमार, एसडीओ, चंपावत
एक समय में येलो ब्रेस्टेड ग्रीन फिंच झुंड में दिखाई देते थे, लेकिन वर्तमान में इन्हें बड़े झुंड में देख पाना आसान नहीं है। नगर के आसपास इनकी मौजूदगी जैव विविधता के लिहाज से अच्छी बात है। हमें जैव विविधता के संरक्षण और अध्ययन के लिए और अधिक काम करने की जरूरत है। येलो ब्रेस्टेड ग्रीन फिंच प्रवास करने वाला पक्षी है, जबकि यूरेशियन जे उत्तराखंड में पाया जाने वाला पक्षी है। - रामनारायण कल्याणरमन, पारिस्थितिकीयविद्
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मुड़ियानी क्षेत्र में 21 अक्तूबर को मत्स्य केंद्र के कर्मचारी गोविंद जोशी ने यूरेशियन जे पक्षी को देखा था। कौवा परिवार से संबंध रखने वाला यह पक्षी सुंदर और बुद्धिमान माना जाता है। इसके चमकीले नीले पंख और आवाज की नकल करने की क्षमता इसे खास बनाती है। यह यूरोप और एशिया के अलावा भारत के हिमालयी क्षेत्रों के घने जंगलों में पाया जाता है। उत्तराखंड में यह एक स्थायी रूप से दिखाई देने वाला पक्षी है।
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वहीं, नगर के गोरल मार्ग स्थित जीआईसी के प्रधानाचार्य उमेद सिंह बिष्ट के आवास पर पिछले सप्ताह येलो ब्रेस्टेड ग्रीन फिंच के जोड़े दिखाई दिए। ये पक्षी वहां सूरजमुखी के बीज खाते नजर आए। हालांकि, इनकी संख्या काफी कम थी।
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सूरजमुखी के बीज पसंदीदा भोजन
इस पक्षी के नर के शरीर का निचला हिस्सा चमकीला पीला होता है। इसके चेहरे पर पीला रंग और कान के पीछे गहरा काला धब्बा दिखाई देता है। पंखों पर पीली और काली धारियां होती हैं। मादा पक्षी का रंग अपेक्षाकृत धुंधला भूरा होता है और उसके शरीर पर धारियां होती हैं। ये पक्षी अक्सर झुंड में रहते हैं। सूरजमुखी के बीज इनके पसंदीदा भोजन में शामिल हैं। इसके अलावा ये भांग के बीज और मक्का भी खाते हैं। इनका प्रजनन काल मई से सितंबर के बीच बताया जाता है और सामान्यतः ये एक बार अंडे देते हैं।
मुड़ियानी क्षेत्र में यूरेशियन जे का दिखाई देना जैव विविधता के लिहाज से अच्छा संकेत है। इससे क्षेत्र की जैव विविधता की समृद्धि का पता चलता है। इस विषय पर अध्ययन करने की जरूरत है। पहले से भी कुछ पहलुओं पर अध्ययन किया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति को ऐसे पक्षियों के संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो वह वन विभाग के साथ साझा कर सकता है। - सुनील कुमार, एसडीओ, चंपावत
एक समय में येलो ब्रेस्टेड ग्रीन फिंच झुंड में दिखाई देते थे, लेकिन वर्तमान में इन्हें बड़े झुंड में देख पाना आसान नहीं है। नगर के आसपास इनकी मौजूदगी जैव विविधता के लिहाज से अच्छी बात है। हमें जैव विविधता के संरक्षण और अध्ययन के लिए और अधिक काम करने की जरूरत है। येलो ब्रेस्टेड ग्रीन फिंच प्रवास करने वाला पक्षी है, जबकि यूरेशियन जे उत्तराखंड में पाया जाने वाला पक्षी है। - रामनारायण कल्याणरमन, पारिस्थितिकीयविद्