{"_id":"605a32d08ebc3e590f3cedf6","slug":"dryport-in-indo-nepal-border-tanakpur-news-hld419311077","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाली बंदरगाह को जोड़ने वाली सड़क का हुआ संयुक्त सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेपाली बंदरगाह को जोड़ने वाली सड़क का हुआ संयुक्त सर्वे
विज्ञापन
Dryport in Indo-Nepal Border
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बनबसा (चंपावत)। नेपाल में बन रहे सूखा बंदरगाह को भारत से मिलाने वाली सड़क निर्माण के लिए मंगलवार को संयुक्त सर्वे किया गया। इसमें जगबूड़ा पुल से गढ़ीगोठ भारत-नेपाल सीमा तक सर्वे किया गया।
एनएचएआई के विशेषज्ञ डीपीआर तैयार कर भारत सरकार को सौंपेंगे। सर्वे में इस बात का ध्यान रखा गया कि आबादी और वृक्षों का नुकसान कम से कम हो।
भारत-नेपाल सीमा पर पिलर संख्या 11 के पास नेपाल के चांदनी में बनने वाले नेपाली सूखा बंदरगाह को भारत से जोड़ने के लिए बनबसा के गढ़ीगोठ से जगबूड़ा पुल के पास एनएच से मिलाया जाएगा।
करीब 4.5 किमी लंबे मार्ग पर रेलवे लाइन पर फ्लाईओवर और शारदा नहर पर पुल बनाया जाना है। एनएचएआई के अभियंताओं, वन विभाग के अधिकारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की।
विज्ञापन
तराई पूर्वी वन उप प्रभाग खटीमा के एसडीओ शिवराज चंद ने बताया कि संयुक्त सर्वे में तय किया गया है कि आबादी और वृक्षों को कम से कम नुकसान पहुंचे।
सड़क निर्माण के लिए 30 मीटर चौड़े क्षेत्र का चयन जगबूड़ा नदी को देखते हुए सुरक्षित स्थान की ओर किया गया है। बताया कि एनएचएआई की रिपोर्ट के बाद वन विभाग वृक्षों की प्रजाति और संख्या का आकलन करेगी।
इसकी रिपोर्ट भारत सरकार, वन मंत्रालय और राज्य सरकार को भेजी जाएगी। संयुक्त सर्वे में एनएचएआई के अभियंता एचके जोशी, डॉ. विनय, भाष्कर मिश्रा, वन विभाग के रेंजर आरएस मनराल, कानूनगो गोविंद गिरि, राजस्व उपनिरीक्षक अमर सिंह मंगला आदि थे।
विज्ञापन
एनएचएआई के विशेषज्ञ डीपीआर तैयार कर भारत सरकार को सौंपेंगे। सर्वे में इस बात का ध्यान रखा गया कि आबादी और वृक्षों का नुकसान कम से कम हो।
भारत-नेपाल सीमा पर पिलर संख्या 11 के पास नेपाल के चांदनी में बनने वाले नेपाली सूखा बंदरगाह को भारत से जोड़ने के लिए बनबसा के गढ़ीगोठ से जगबूड़ा पुल के पास एनएच से मिलाया जाएगा।
विज्ञापन
करीब 4.5 किमी लंबे मार्ग पर रेलवे लाइन पर फ्लाईओवर और शारदा नहर पर पुल बनाया जाना है। एनएचएआई के अभियंताओं, वन विभाग के अधिकारियों और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की।
विज्ञापन
तराई पूर्वी वन उप प्रभाग खटीमा के एसडीओ शिवराज चंद ने बताया कि संयुक्त सर्वे में तय किया गया है कि आबादी और वृक्षों को कम से कम नुकसान पहुंचे।
सड़क निर्माण के लिए 30 मीटर चौड़े क्षेत्र का चयन जगबूड़ा नदी को देखते हुए सुरक्षित स्थान की ओर किया गया है। बताया कि एनएचएआई की रिपोर्ट के बाद वन विभाग वृक्षों की प्रजाति और संख्या का आकलन करेगी।
इसकी रिपोर्ट भारत सरकार, वन मंत्रालय और राज्य सरकार को भेजी जाएगी। संयुक्त सर्वे में एनएचएआई के अभियंता एचके जोशी, डॉ. विनय, भाष्कर मिश्रा, वन विभाग के रेंजर आरएस मनराल, कानूनगो गोविंद गिरि, राजस्व उपनिरीक्षक अमर सिंह मंगला आदि थे।