चंपावत में बेस अस्पताल का शासनादेश जारी करो
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जिला विकास एवं संघर्ष समिति ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत विभिन्न मांगों को लेकर जिला मुख्यालय में सोमवार से क्रमिक अनशन शुरू किया। समिति की ओर से जिला अस्पताल को बेस अस्पताल बनाने की सीएम की घोषणा पर शासनादेश जारी किए जाने के साथ ही सभी लंबित समस्याओं के समाधान होने तक क्रमिक अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। मंगलवार को पहले दिन बीएसएफ के पूर्व कमांडर रहे 92 वर्षीय बुजुर्ग त्रिलोक सिंह बोहरा और संघर्ष समिति की युवा विंग के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह महर क्रमिक अनशन में बैठे। जिन्हें अन्य आंदोलनकारियों की ओर से फूल मालाएं पहनाकर क्रमिक अनशन में बैठाया गया।
मोटर स्टेशन में आयोजित धरना स्थल में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि कुमाऊं मंडल विकास निगम की भूमि चिकित्सा विभाग को हस्तांतरित करने, राजकीय महाविद्यालय में विज्ञान और वाणिज्य संकाय संचालित करने, एआरटीओ कार्यालय की स्थापना करने के साथ तीन लंबित मोटर मार्गो की मांगों पर राज्य सरकार की ओर से पूर्व में ही सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है, लेकिन इन पर अभी शासनादेश जारी नहीं हुआ है। जिससे संघर्ष समिति के लोग अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
समिति अध्यक्ष बसंत सिंह तड़ागी की अध्यक्षता और सामाजिक कार्यकर्ता हरेंद्र बोरा के संचालन में हुई सभा में एलपी पाठक, रमेश चंद्र पुनेठा, हरीश चौधरी, मोहन सिंह, पुष्कर सिंह, डीके पांडेय, प्रदीप गड़कोटी, प्रकाश सिंह आदि ने विचार रखे। संघर्ष समिति के आंदोलन को पहले दिन ही विभिन्न संगठनों की ओर से समर्थन दिया गया।