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शत प्रतिशत शौचालयों से मिलेगी खुले में शौच से मुक्ति
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 07 May 2016 10:37 PM IST
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शत प्रतिशत शौचालयों से मिलेगी खुले में शौच से मुक्ति
- फोटो : अमर उजाला
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मिशन स्वाभिमान के तहत ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए स्वजल द्वारा विकासखंड लोहाघाट और बाराकोट में एक दिनी कार्यशाला की गई। ब्लाक प्रमुख योगेश मेहता ने दीप जलाकर कार्यशाला का शुभारंभ किया।
स्वजल के परियोजना प्रबंधक महेंद्र कुमार गर्ग का कहना था कि चंपावत जिले को 31 मार्च 2017 तक खुले में शौच मुक्त करने का अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ब्लाक प्रमुख योगेश मेहता कहना था कि जिन लोगों ने शौचालयाें का निर्माण किया गया है, उनका भुगतान न होने से वह परेशान हैं। चिडियाढुंगा, फोर्ती, बलांई, खैसकांडे में शत प्रतिशत शौचालय बनना दर्शाए जाने पर वहां के जन प्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि गांवों में कई लोगों के पास शौचालय नहीं हैं, लेकिन विभाग शतप्रतिशत शौचालय के आंकड़े दिखा रहा है।
फोर्ती के वार्ड सदस्य उमेश पुनेठा का कहना था कि फोर्ती के उनके वार्ड में ललित पुनेठा, आनंदी पुनेठा, रमेश पुनेठा, हेम पुनेठा, नीरज बगौली आदि लोगों के यहां शौचालय न होने से वह खुले में शौच करने को मजबूर हैं। प्रधान महेश बोहरा का कहना था कि गरीब लोगाें को शौचालय निर्माण के लिए आधी धनराशि एडवांस दी जानी चाहिए। पेयजल एवं स्वच्छता समन्वयक अनिल साह ने पावर प्वाइंट के जरिए गांवों में बने शौचालयों की स्थिति बताई। उधर, बाराकोट में ब्लाक प्रमुख निर्मल माहरा ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। इकाई समन्वयक संजय सिंह ने बताया कि शौचालय निर्माण में उत्तराखंड में चंपावत जिला चौथे स्थान पर है, जबकि जिले में बाराकोट पहले नंबर पर है।
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बाराकोट ब्लाक में 48 ग्राम पंचायतों में से 26 ग्राम पंचायतों में शत प्रतिशत शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष 22 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त करने की दिशा में कार्य चल रहा है। दोनों ही स्थानों में अनिल कुमार साह, मो.आरीफ खान, अनुभा रावत, लक्ष्मी कुमारी ने विभिन्न जानकारियां दी। कार्यशाला में प्रधान, बीडीसी सदस्य, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें के अलावा विभागीय कर्मी मौजूद थे।
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स्वजल के परियोजना प्रबंधक महेंद्र कुमार गर्ग का कहना था कि चंपावत जिले को 31 मार्च 2017 तक खुले में शौच मुक्त करने का अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ब्लाक प्रमुख योगेश मेहता कहना था कि जिन लोगों ने शौचालयाें का निर्माण किया गया है, उनका भुगतान न होने से वह परेशान हैं। चिडियाढुंगा, फोर्ती, बलांई, खैसकांडे में शत प्रतिशत शौचालय बनना दर्शाए जाने पर वहां के जन प्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि गांवों में कई लोगों के पास शौचालय नहीं हैं, लेकिन विभाग शतप्रतिशत शौचालय के आंकड़े दिखा रहा है।
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फोर्ती के वार्ड सदस्य उमेश पुनेठा का कहना था कि फोर्ती के उनके वार्ड में ललित पुनेठा, आनंदी पुनेठा, रमेश पुनेठा, हेम पुनेठा, नीरज बगौली आदि लोगों के यहां शौचालय न होने से वह खुले में शौच करने को मजबूर हैं। प्रधान महेश बोहरा का कहना था कि गरीब लोगाें को शौचालय निर्माण के लिए आधी धनराशि एडवांस दी जानी चाहिए। पेयजल एवं स्वच्छता समन्वयक अनिल साह ने पावर प्वाइंट के जरिए गांवों में बने शौचालयों की स्थिति बताई। उधर, बाराकोट में ब्लाक प्रमुख निर्मल माहरा ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। इकाई समन्वयक संजय सिंह ने बताया कि शौचालय निर्माण में उत्तराखंड में चंपावत जिला चौथे स्थान पर है, जबकि जिले में बाराकोट पहले नंबर पर है।
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बाराकोट ब्लाक में 48 ग्राम पंचायतों में से 26 ग्राम पंचायतों में शत प्रतिशत शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष 22 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त करने की दिशा में कार्य चल रहा है। दोनों ही स्थानों में अनिल कुमार साह, मो.आरीफ खान, अनुभा रावत, लक्ष्मी कुमारी ने विभिन्न जानकारियां दी। कार्यशाला में प्रधान, बीडीसी सदस्य, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियाें के अलावा विभागीय कर्मी मौजूद थे।