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पहली बार हेलीकाप्टर के जरिए बांटी जाएगी आपदा राहत सामग्री
सतीश जोशी ‘सत्तू’ /अमर उजाला/चंपावत
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:11 PM IST
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सांकेतिक फोटो
जिले में बरसात में संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। इस बार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने लिए पहली बार हेलीकाप्टर की सेवाएं ली जाएंगी। दैवीय आपदा के दौरान सड़क विहीन इलाकों, सीमांत गांवों और विभिन्न सड़क मार्गों में जरूरत पड़ने पर हेलीकाप्टर से राहत सामग्री बांटी जाएगी।
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प्रशासन की ओर से आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आपदा राहत सामग्री पहुंचाने के लिए कुमाऊं मंडल में हर समय एक हेलीकाप्टर आपात स्थिति में तैयार रहेगा। जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार की ओर से अन्य हेलीकाप्टरों की सेवाएं भी हायर की जाएंगी।
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शासन प्रशासन दैवीय आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह से गंभीर है। दैवीय आपदा के लिए बनाए गए एक दर्जन राहत शिविर केंद्रों के अलावा राहत सामग्री के वितरण के लिए पहली बार हेलीकाप्टर की सेवाएं भी ली जाएंगी। हेलीकाप्टर का इस्तेमाल बेहद जरूरी परिस्थितियों में ही किया जाएगा।- केके अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी
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पूर्ति विभाग ने तैयार की 200 हेली ड्रापर पेटियां
पूर्ति विभाग की ओर से आपदा की स्थिति में प्रभावितों तक हेलीकाप्टर की सहायता से राहत सामग्री बांटने के लिए 200 हेली ड्रापर पेटियां तैयार कर ली गई हैं। जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल के अनुसार हेली ड्रापर पेटियों में भुना चना, इलाइची दाना, बिस्कुट, पानी की बोतलें, दूध पाउडर, चीनी, नमक, ग्लूकोज, माचिस, लाइटर, मोमबत्ती, टॉर्च, दवा और बर्तन आदि शामिल हैं।
विशेष रूप से तैयार की गई है हेली ड्रापर पेटियां
आपदा के दौरान प्रभावितों तक राहत सामग्री की हेली ड्रापर पेटियों को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। पेकिंग का कार्य करने वाले व्यापारी कमलेश राय के अनुसार हेली ड्रापर पेटियों में कागज का गत्ते के अलावा थर्माकाल, लेमिनेशन का प्रयोग किया गया है।