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बाराकोट ब्लॉक में भी खोला जाए डिग्री कॉलेज
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लोहाघाट के विधायक खुशाल सिंह अधिकारी।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। उत्तराखंड बनने के बाद से चंपावत जिले में उच्च शिक्षा के केंद्रों की संख्या में साढ़े तीन गुना बढ़ोतरी हुई, लेकिन फिर भी राजकीय डिग्री कॉलेज खोले जाने में दूरदराज के कई इलाकों की अनदेखी हुई है। इन ग्रामीण क्षेत्रों के इंटर पास छात्र-छात्राओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्हें स्नातक में पढ़ाई के लिए किराये में ही हर महीने डेढ़ हजार रुपये से अधिक खर्च करना पड़ता है।
चंपावत ब्लॉक में चार डिग्री कॉलेज हैं लेकिन बाराकोट ब्लॉक का पहले डिग्री कॉलेज का इंतजार अभी खत्म नहीं हो सका है। इस वजह से यहां के छात्र-छात्राओं को इंटर के बाद पढ़ाई के लिए 15 से 60 किमी दूर भटकना पड़ता है। एक दशक से बाराकोट ब्लॉक में डिग्री कॉलेज की मांग ग्रामीण करते रहे हैं लेकिन 40 हजार की आबादी वाले इस ब्लॉक का यह सपना साकार नहीं हो सका। यहां डिग्री कॉलेज न होने से इंटर पास करने के बाद छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए 15 किमी दूर लोहाघाट या 60 किमी दूर पिथौरागढ़ जाने के लिए मजबूर हैं। इंटर के बाद आगे की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को या तो किराये में लोहाघाट रहना पड़ रहा है या रोज आने-जाने में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। लोहाघाट राजकीय पीजी कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या चंद्रा जोशी का कहना है कि बाराकोट के राजकीय डिग्री कॉलेज खोलने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
चंपावत में चार डिग्री कॉलेज लेकिन बाराकोट में एक भी नहीं
चंपावत। चार ब्लॉक वाले चंपावत जिले में सात राजकीय डिग्री कॉलेज हैं। इनमें से टनकपुर, बनबसा, देवीधुरा, अमोड़ी, पाटी के पांच कॉलेज उत्तराखंड बनने के बाद खुले हैं। सिर्फ लोहाघाट और चंपावत के डिग्री कॉलेज ही उत्तराखंड बनने से पहले के हैं। जिले के तीन ब्लॉकों में से चंपावत में चार, पाटी में दो और लोहाघाट ब्लॉक में एक राजकीय डिग्री कॉलेज है लेकिन बाराकोट में एक भी कॉलेज नहीं है।
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बाराकोट में डिग्री कॉलेज न होने से छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। स्नातक की पढ़ाई के लिए यहां सबसे नजदीक 15 किमी दूर लोहाघाट का डिग्री कॉलेज है।
- राकेश जोशी, बाराकोट।
बाराकोट क्षेत्र में डिग्री कॉलेज न होने की सबसे ज्यादा मार छात्राओं पर पड़ रही है। अधिक दूरी और धन की कमी से काफी अभिभावक दूसरे कॉलेज में भेजने के बजाय आगे की पढ़ाई छुड़वा रहे हैं। - चंद्रकला, मऊ।
जनप्रतिनिधियों की बात
बाराकोट ब्लॉक में डिग्री कॉलेज की जरूरत है। इसकी मांग सदन में उठाई जाएगी। रीठा साहिब के डिग्री कॉलेज के संचालन के लिए विधानसभा में भी प्रश्न पूछा गया था। - खुशाल सिंह अधिकारी, विधायक, लोहाघाट।
क्षेत्र में डिग्री कॉलेज न होने से ग्रामीण युवाओं को इंटर के आगे की पढ़ाई के लिए समय और रुपये दोनों खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके लिए ब्लॉक से प्रस्ताव पारित करा पहल की जाएगी।
- विनीता फर्त्याल, ब्लॉक प्रमुख, बाराकोट।
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चंपावत ब्लॉक में चार डिग्री कॉलेज हैं लेकिन बाराकोट ब्लॉक का पहले डिग्री कॉलेज का इंतजार अभी खत्म नहीं हो सका है। इस वजह से यहां के छात्र-छात्राओं को इंटर के बाद पढ़ाई के लिए 15 से 60 किमी दूर भटकना पड़ता है। एक दशक से बाराकोट ब्लॉक में डिग्री कॉलेज की मांग ग्रामीण करते रहे हैं लेकिन 40 हजार की आबादी वाले इस ब्लॉक का यह सपना साकार नहीं हो सका। यहां डिग्री कॉलेज न होने से इंटर पास करने के बाद छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए 15 किमी दूर लोहाघाट या 60 किमी दूर पिथौरागढ़ जाने के लिए मजबूर हैं। इंटर के बाद आगे की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को या तो किराये में लोहाघाट रहना पड़ रहा है या रोज आने-जाने में मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है। लोहाघाट राजकीय पीजी कॉलेज की प्रभारी प्राचार्या चंद्रा जोशी का कहना है कि बाराकोट के राजकीय डिग्री कॉलेज खोलने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।
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चंपावत में चार डिग्री कॉलेज लेकिन बाराकोट में एक भी नहीं
चंपावत। चार ब्लॉक वाले चंपावत जिले में सात राजकीय डिग्री कॉलेज हैं। इनमें से टनकपुर, बनबसा, देवीधुरा, अमोड़ी, पाटी के पांच कॉलेज उत्तराखंड बनने के बाद खुले हैं। सिर्फ लोहाघाट और चंपावत के डिग्री कॉलेज ही उत्तराखंड बनने से पहले के हैं। जिले के तीन ब्लॉकों में से चंपावत में चार, पाटी में दो और लोहाघाट ब्लॉक में एक राजकीय डिग्री कॉलेज है लेकिन बाराकोट में एक भी कॉलेज नहीं है।
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बाराकोट में डिग्री कॉलेज न होने से छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। स्नातक की पढ़ाई के लिए यहां सबसे नजदीक 15 किमी दूर लोहाघाट का डिग्री कॉलेज है।
- राकेश जोशी, बाराकोट।
बाराकोट क्षेत्र में डिग्री कॉलेज न होने की सबसे ज्यादा मार छात्राओं पर पड़ रही है। अधिक दूरी और धन की कमी से काफी अभिभावक दूसरे कॉलेज में भेजने के बजाय आगे की पढ़ाई छुड़वा रहे हैं। - चंद्रकला, मऊ।
जनप्रतिनिधियों की बात
बाराकोट ब्लॉक में डिग्री कॉलेज की जरूरत है। इसकी मांग सदन में उठाई जाएगी। रीठा साहिब के डिग्री कॉलेज के संचालन के लिए विधानसभा में भी प्रश्न पूछा गया था। - खुशाल सिंह अधिकारी, विधायक, लोहाघाट।
क्षेत्र में डिग्री कॉलेज न होने से ग्रामीण युवाओं को इंटर के आगे की पढ़ाई के लिए समय और रुपये दोनों खर्च करने पड़ रहे हैं। इसके लिए ब्लॉक से प्रस्ताव पारित करा पहल की जाएगी।
- विनीता फर्त्याल, ब्लॉक प्रमुख, बाराकोट।