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जिला मुख्यालय में अलग एआरटीओ कार्यालय खोला जाए
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देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपते चंपावत जिला विकास संघर्ष समिति के पद
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। जिला विकास एवं संघर्ष समिति के शिष्टमंडल ने देहरादून जाकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न समस्याएं सुलझाने के लिए 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। समिति के अध्यक्ष बसंत तड़ागी और संरक्षक हरेंद्र बोहरा के नेतृत्व में सीएम को ज्ञापन दिया।
इसमें चंपावत जिला मुख्यालय में प्रशासनिक रूप से स्वीकृत बेस चिकित्सालय के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर पदों का सृजन, जिला मुख्यालय में एआरटीओ कार्यालय खोलने, जिला मुख्यालय में खेल स्टेडियम बनाने, सीवर लाइन की स्वीकृति, आईटीआई में नए व्यावसायिक ट्रेड स्वीकृत करने, पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग, फैशन डिजाइन, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, आईटी, फार्मेसी, कंप्यूटर ट्रेड स्वीकृत करने, मुख्यालय में बने नर्सिंग ट्रेनिंग कॉलेज के लिए पद स्वीकृत करने, चंपावत शहर के मध्य स्थित जेल की भूमि पर इंडोर स्टेडियम, सांस्कृतिक मंच का निर्माण, धौन से दियूरी तक बने मोटर मार्ग का चल्थी तक विस्तारीकरण, चंपावत शहर को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए बुनियादी ढांचे के साथ एक परियोजना का निर्माण कर उसे वित्तीय स्वीकृति दिलाने, सीमांत मंच क्षेत्र में महाविद्यालय खोलने की मांग की।
इस मौके पर विधायक कैलाश गहतोड़ी, भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुकेश कलखुड़िया, दुग्ध संघ के निदेशक कृष्णा जोशी, हरीश चौधरी आदि रहे। संघर्ष समिति के अध्यक्ष बसंत तड़ागी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मांगों पर शीघ्र उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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राज्य आंदोलनकारियों के चिह्निकरण की मांग उठी
चंपावत। जिला विकास एवं संघर्ष समिति की ओर से मुख्यमंत्री के सामने चिह्निकरण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिह्निकरण की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। चिह्नित हो चुके राज्य आंदोलनकारियों के वारिसों को भी पेंशन दिलाने की मांग उठाई।
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इसमें चंपावत जिला मुख्यालय में प्रशासनिक रूप से स्वीकृत बेस चिकित्सालय के लिए वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर पदों का सृजन, जिला मुख्यालय में एआरटीओ कार्यालय खोलने, जिला मुख्यालय में खेल स्टेडियम बनाने, सीवर लाइन की स्वीकृति, आईटीआई में नए व्यावसायिक ट्रेड स्वीकृत करने, पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग, फैशन डिजाइन, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, आईटी, फार्मेसी, कंप्यूटर ट्रेड स्वीकृत करने, मुख्यालय में बने नर्सिंग ट्रेनिंग कॉलेज के लिए पद स्वीकृत करने, चंपावत शहर के मध्य स्थित जेल की भूमि पर इंडोर स्टेडियम, सांस्कृतिक मंच का निर्माण, धौन से दियूरी तक बने मोटर मार्ग का चल्थी तक विस्तारीकरण, चंपावत शहर को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए बुनियादी ढांचे के साथ एक परियोजना का निर्माण कर उसे वित्तीय स्वीकृति दिलाने, सीमांत मंच क्षेत्र में महाविद्यालय खोलने की मांग की।
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इस मौके पर विधायक कैलाश गहतोड़ी, भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुकेश कलखुड़िया, दुग्ध संघ के निदेशक कृष्णा जोशी, हरीश चौधरी आदि रहे। संघर्ष समिति के अध्यक्ष बसंत तड़ागी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी मांगों पर शीघ्र उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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राज्य आंदोलनकारियों के चिह्निकरण की मांग उठी
चंपावत। जिला विकास एवं संघर्ष समिति की ओर से मुख्यमंत्री के सामने चिह्निकरण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों के चिह्निकरण की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। चिह्नित हो चुके राज्य आंदोलनकारियों के वारिसों को भी पेंशन दिलाने की मांग उठाई।