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करेंसी चेंज नहीं हो रही , सिर्फ बैंक खाते से निकल रही रकम
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Sat, 19 Nov 2016 10:02 PM IST
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करेंसी चेंज नहीं हो रही , सिर्फ बैंक खाते से निकल रही रकम
- फोटो : अमर उजाला
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भारतीय स्टेट बैंक में बीते तीन दिनों से 500 और 1000 रुपयों के पुराने नोट नहीं बदल रहे हैं। ऐसा स्याही नहीं होने से हो रहा है। अलबत्ता बैंक खातों से पांच हजार रुपए तक की रकम दी जा रही है।
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शनिवार को बुजुर्गों को बैंक से कैश दिया गया। वहीं बैंकों में भी अभी तक नगदी नहीं आ सकी है। लीड बैंक अधिकारी आनंद सिंह रावत का कहना है कि कैश के लिए रिजर्व बैंक की कानपुर शाखा से संपर्क किया गया है। उम्मीद है कि तीन दिन के भीतर नगदी मिल जाएगी।
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वहीं अधिकांश एटीएम ने आज भी काम नहीं किया। एकमात्र पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में रुपए थे। शाखा प्रबंधक नवीन कुमार ने बताया कि एटीएम में दो लाख 20 हजार रुपए डाले। ये रकम जल्द ही खत्म हो गई।
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52 किमी दूर से आए कई बुजुर्ग कैश लेने
शनिवार को कई बुजुर्ग दूर-दराज से यहां नकदी लेने पहुंचे। यहां से करीब 29 किलोमीटर दूर बाराकोट ब्लाक के शेर सिंह अधिकारी एसबीआई की शाखा पहुंचे। कई दशक पूर्व उन्होंने यहां खाता खोला था। बाद में उनके इलाके में बैंक की शाखा खुली, लेकिन खाता ट्रांसफर नहीं हो सका। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के 52 किमी दूर तामली के गणेश चंद दूसरी बार रकम लेने आए। उन्हें बैंक से पांच हजार रुपये मिल सके। 47 किमी दूर सिमियां गांव के नाथू सिंह पेंशन के खाते से पांच हजार रुपए निकाल सके। इसी तरह पुलिस लाइन के नजदीक रहने वाले पूरन सिंह दस दिनों में दूसरी बार रकम निकाली। पहले पांच हजार रुपए निकाले। शनिवार को तीन हजार रुपए निकले।
छोटी करेंसी की कमी नहीं
छोटी करेंसी का खास संकट नहीं है। अधिकांश जगह 10 रुपए के सिक्के से लेकर 20 और 100 रुपए के जरूरत भर के नोट हैं। जमाखोरी पर लगाम कसने पर रोकथाम के लिए प्रशासन ने भी लोगों को अगाह किया। ऐसा करते पकड़े जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्राइवेट अस्पतालों में चेक से हो रहा इलाज
जिले में प्राइवेट अस्पतालों की संख्या बस चार हैं। जीवन अनमोल अस्पताल के डॉक्टर पवन शर्मा का कहना है कि करेंसी क्राइसेस के बावजूद मरीजों के इलाज में किसी तरह की दिक्कत नहीं आ रही है। अस्पताल पुराने नोट भी स्वीकार रहा है। वहीं चेक से भी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वहीं जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.आरके जोशी का कहना है कि अस्पताल को खास असर नहीं पड़ा है। अलबत्ता मेडिकल स्टोरों में लौटाने के लिए धन की कमी जरूर हो रही है।