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गुमदेश के चैतोला मेले में निकली चमू देवता की शोभायात्रा
Mon, 15 Apr 2019 10:59 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट(चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट(चंपावत)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Mon, 15 Apr 2019 10:59 PM IST
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गुमदेश के चैतोला मेले में रथ में सवार चमू देवता श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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गुमदेश के चैतोला मेले में चमू देवता की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। सुहावने मौसम के बीच निकली चमू देवता की शोभायात्रा के करीब 30 हजार से अधिक श्रद्धालु साक्षी बने और उन्होंने चमू देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर रात भर ढुस्कों का गायन किया गया।
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चौपता, नेवलटुकरा, सीलिंग, बसकुनी, जाख, जिंडी, सिरकोट आदि गांवों में सोमवार सुबह त्योहार मनाया गया जबकि पुल्ला, पोखरी, खेतकुनी, गुरेली, मड़ गांवों में रविवार को ही त्योहार मनाया गया। लोगों ने लीक (महा प्रसाद ) को तलकर सुबह सबसे पहले चमू देवता, शिलिंग के केदारज्यू, मड़ के महिषासुर मर्दनी मंदिर में चढ़ाया। पंडित रमेश चंद्र कलौनी, पंडित शंकर दत्त पांडेय, भुवन चंद्र कलौनी, रेवाधर कलौनी, हरीश चंद्र पांडेय ने विधिवत पूजा अर्चना के बाद दोपहर बाद मड़ गांव से ढोल-नगाड़ों के साथ चमू देवता की शोभा यात्रा निकाली।
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जगत सिंह धामी में चमू देवता अवतरित हुए थे जो रथ में सवार होकर लोगों को अपना आशीर्वाद दे रहे थे। दुर्गम रास्तों को पार करते हुए शोभायात्रा जमानीगढ़ में कुछ समय के लिए रूकी। इसके बाद चौपता, बसकुनी, सीलिंग, नेवलटुकरा के लोग रथ पर कंधा देते हुए उसे रतन खुटखुटी तक ले आए जहां धामी गुमदेश के राजा के आदेश का पालन करते हुए रथ से उतरे। बाद में पुल्ला, पोखरी, जाख, सिरकोट के लोग रथयात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा के मंदिर की परिक्रमा करने के बाद धामी ने सभी को आशीर्वाद दिया। महिलाएं चमू देवता का गुणगान करते हुए चल रही थीं।
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मेले में पुल्ला, सिरकोट, जाख, जिंडी, गुरेला, बसकुनी आदि गांवों के जत्थों ने बारी बारी से मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद शिलिंग, चौपता, बसकुनी, न्यौलटुकरा के जत्थों ने परिक्रमा की। मेले में बड़ी संख्या में नेपाल से भी लोग पहुंचे हुए थे। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस, फायर बिग्रेड कर्मियों का तगड़ा बंदोबस्त किया गया था। शिक्षक हरीश चंद्र कलौनी ने संचालन करते हुए मेले में आए श्रद्धालुओं को मेले का इतिहास बताया।
आयोजन समिति के अध्यक्ष शंकर दत्त पांडेय, विनोद धौनी, विकास पाटनी, नर सिंह धौनी, लक्ष्मण भंडारी, तारा सिंह धौनी, युगल धौनी, खीमराज धौनी, प्रदीप कलौनी, राकेश धौनी, मनमोहन सिंह, गुमान प्रथोली, नारायण पुजारी, आनंद सौन आदि ने सभी का स्वागत किया।
ढोल नगाड़े बजाने को लेकर युवाओं में दिखा उत्साह
लोहाघाट (चंपावत)। चैतोला मेले में ढोल-नगाड़े बजाने के लिए लोगों में गजब का उत्साह देखा गया। लोग सिर पर पगड़ी बांधे, हाथों में डंडे लिए हुए युद्धक वेशभूषा में सजधज कर आए हुए थे। युवाओं में ढोल बजाने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। हर युवा अपने अंदाज में ढोल बजाकर चमू देवता के प्रति अपनी आस्था प्रदर्शित कर रहा था। जत्थों के मेले क्षेत्र में पहुंचने के बाद पूरा प्रांगण खचाखच भर गया। यहां तिल रखने के लिए तक जगह नहीं थी। पूरा वातावरण ढोल नगाड़ों की आवाज से गुंजायमान हो गया।
चैतोला मेले का समापन आज
तीन दिनी चैतोले मेले का मंगलवार को पस्यारे (व्यापारिक मेले) के साथ समापन होगा। चैतोला मेला क्षेत्र का एकमात्र सबसे बड़ा मेला होता है, जिसमें भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय लोग भी पहुंचते हैं।