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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Create a nursery in rural areas

ग्रामीण क्षेत्रों में बनाएं नर्सरी

Tue, 15 Dec 2015 10:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत Updated Tue, 15 Dec 2015 10:14 PM IST
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हिमोत्थान परियोजना के तहत बाराकोट विकासखंड के बापरू और रेगड़ू क्षेत्र के गांवों में अगले साल मार्च तक शत-प्रतिशत शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए स्वजल के माध्यम से रकम दी जाएगी। यहां मुख्य विकास अधिकारी श्याम सुंदर पांगती की अध्यक्षता और ग्राम संस्था के पूरन धौनी के संचालन में हुई परियोजना की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में योजना को कारगर ढंग से संचालित करने के लिए विभागीय समन्वय पर जोर दिया। उद्यान, कृषि और वन विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में नर्सरी स्थापित करने की हिदायत दी। साथ ही बीज संरक्षण के लिए किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।

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40 स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का एक फेडरेशन मां पूर्णागिरि आजीविका सेवा सहकारिता का गठन किया गया। 500 से अधिक महिला शेयर धारकों वाली यह समिति बापरू और रेगड़ू क्षेत्र के 20 गांवों में संचालित की जा रही है। हिमोत्थान परियोजना हिमालय क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधन आधारित आजीविका और पशुधन विकास के लिए 2013 से काम कर रही है। योजना के तहत कृषि, उद्यान, पशुपालन, वन, मत्स्य, स्वजल, जल संस्थान, सहकारिता, समाज कल्याण सहित 17 विभागों को बीते 3 वर्षों में 50 लाख रुपये दिए गए हैं।
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बैठक में एनआरएम समन्वय डा.यशपाल बिष्ट, टीम लीडर राजू नेगी, शशि उनियाल, ग्रास संस्था के मुख्य कार्यकर्ता पूरन धौनी, सुनीता जोशी, कविता मेहता, डीडीओ विवेक उपाध्याय, सीवीओ पीसी भंडारी, आरसेटी निदेशक एनडी जोशी के अलावा कृषि, उद्यान, स्वजल, जल संस्थान, मत्स्य, वन आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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