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ढकना बडोला में जंगली सुअरों ने मचाया उत्पात
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
Updated Thu, 23 Mar 2017 10:53 PM IST
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अालू का खेत
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय और आसपास के गांवों में जंगली सुअरों का उत्पात मचाने का सिलसिला जारी है। बुधवार की रात्रि सुअरों ने ढकना बडोला ग्राम पंचायत में जमकर उत्पात मचाया। उन्होंने ढकना बडोला के अलावा समीपवर्ती सैदोला, नादबोहरा, देवलनाद, बैलटाक आदि स्थानों में काश्तकारों की ओर से बोई गई आलू की फसल को बुरी तरह से रौंद दिया। ग्राम प्रधान विनोद चौधरी ने बताया कि उन्होंने तारबाड़ लगाकर आलू की फसल लगाई थी लेकिन जंगली सुअर तारबाड़ को फांदकर उनकी पांच नाली भूमि में लगी आलू की फसल को रौंद गए हैं। जिससे उन्हें हजारों रुपए की आर्थिक चपत लगी है। ग्रामीण नारायण सिंह, शिवराज सिंह, नाथ सिंह, किशन सिंह, जगत सिंह, प्रताप सिंह आदि की आलू की खेती को भी जंगली जानवरों ने चौपट कर दिया है। जिस कारण अन्य काश्तकार अब खेतों में आलू लगाने से हिचक रहे हैं। प्रभावित काश्तकारों ने वन विभाग से आतंक का पर्याय बने जंगली सुअरों को मारने की मांग उठाई है।
पूर्णागिरि क्षेत्र से लगे इलाकों की फसल चौपट
मां पूर्णागिरि धाम से लगे कई गांवों में जंगली जानवरों ने खेती को बर्बाद कर दिया है। नेपाल सीमा से लगे इन गांवों में जंगली सुअर, काकड़ और सांभर ने खेतों में लगी फसल को चौपट कर दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जानवरों से बचाव के लिए उपाय करने का आग्रह किया है।
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मां पूर्णागिरि धाम क्षेत्र से लगे पोथ ग्राम पंचायत के हैड़ा तोक और कालीगूंठ ग्राम पंचायत के धूरा, कोटकेंद्री व सिराना तोक में जंगली जानवर काश्तकारों के लिए मुसीबत बने हैं। ग्रामीण गोविंद सिंह का कहना है कि ये जंगली जानवर रात के वक्त किसानों की फसल को मटियामेट कर रहे हैं। इस कारण जौ, मसूर, लाई व गेहूं की फसल चौपट हो गई है। ग्रामीण मोहन सिंह, रतन सिंह, मदन सिंह, प्रेम सिंह, शंकर सिंह आदि ने वन विभाग और प्रशासन से जंगली जानवरों से राहत दिलाकर खेती को बर्बाद होने से बचाने की गुहार लगाई है।
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