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वित्तीय अनियमित्ताओं का आरोप लगाकर छात्रों ने फूंका प्राचार्य का पुतला

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2022 12:30 AM IST
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Civic aminities
वित्तीय अनियमित्ता का आरोप लगाते हुए लोहाघाट पीजी कॉलेज की प्राचार्य का पुतला फूंकते छात्र। - फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और छात्र संघ पदाधिकारियों ने राजकीय पीजी कॉलेज लोहाघाट की प्राचार्य पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाकर उनका पुतला फूंका। छात्रों ने अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
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सोमवार को छात्र संघ अध्यक्ष राहुल ढेक और एबीवीपी के विभाग संयोजक विवेक पुजारी के नेतृत्व में छात्रों ने प्राचार्य का पुतला फूंका। आक्रोशित छात्रों का कहना था कि पूर्व में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की थी लेकिन उनकी मांग पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्य की शह पर कॉलेज में कई वित्तीय अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि रूसा मद में सामग्री खरीद, विभिन्न निर्माण कार्य में धांधली हो रही है। क्रीड़ा विभाग में बगैर छात्रों के प्रतिनिधि और वर्तमान क्रय-विक्रय समिति के सदस्य के हस्ताक्षर पर विभिन्न खरीद हो रही है।
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यूजीसी के मानकों को ताख पर रखकर समस्त वित्तीय प्रभार केवल एक व्यक्ति को ही दिए गए हैं। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि प्राचार्य की ओर से संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस मौके पर नीरज सगटा, पारस महर, संदीप बगौली, राकेश भट्ट, रविंद्र मेहता, गौरव पांडेय, सुनील गुरुरानी, मनीष बिष्ट, रवि कुमार आदि मौजूद रहे।
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अनियमितता के आरोप बेबुनियाद : प्राचार्य
लोहाघाट। प्राचार्य संगीत गुप्ता ने कहा कि छात्रों द्वारा उन पर लगाए जा रहे वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सरासर बेबुनियाद हैं। रूसा में निर्माण सामग्री कार्यदायी संस्था द्वारा खरीदी जाती है। क्रीड़ा सामग्री खरीदने के लिए कई दुकानदारों से कोटेशन लिए जाते हैं। जिस दुकान में रेट कम होते हैं वहां से सामान खरीदा जाता है। पूरे महाविद्यालय के वित्तीय प्रभार उनके पास हैं। यूजीसी के मानकों के तहत महाविद्यालय में 50 कमेटियां गठित हैं, कमेटियों के संचालन के लिए प्रभारी बनाए गए हैं। सभी कमेटियों में वित्तीय कार्य होते हैं। किसी भी संगठन से उन्हें कोई लेनादेना नहीं है। वह एक
सरकारी कर्मचारी हैं।
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