{"_id":"596e4e984f1c1ba05d8b480a","slug":"child-welfare-society-sent-back-nine-teens","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाल कल्याण समिति ने नौ किशोरों को लौटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाल कल्याण समिति ने नौ किशोरों को लौटाया
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Tue, 18 Jul 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल से मजदूरी के लिए भारत आ रहे नौ किशोरों को एसएसबी टनकपुर ने सीमा पार करते समय रोक लिया। किशोरों से पूछताछ की तो पता चला कि वह मजदूरी करने कैलाली निवासी बलीराम चौधरी के साथ भारत आ रहे थे। एसएसबी के निरीक्षक विनोद कुमार ने इसकी सूचना जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भुवन चंद्र गड़कोटी को दी।
उन्होंने जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य विमला बोहरा, शांति अधिकारी और सतीश जोशी के साथ बैठक कर किशोरों को नेपाल भेजने का निर्णय लिया। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने किशोरों से पूछताछ की और नेपाल पुलिस की मौजूदगी में उन्हें नेपाल की थ्री एंजल समिति के सुपुर्द कर दिया।
मंगलवार सुबह नेपाल की ओर से भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाले कैलाली, नेपाल निवासी नौ किशोरों को एसएसबी ने संदेह होने पर रोक लिया। इनके मजदूरी के लिए भारत में आने की जानकारी मिलने पर एसएसबी ने जिला बाल कल्याण समिति से संपर्क कर किशोरों को उन्हें सौंप दिया।
विज्ञापन
जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भुवन गड़कोटी ने बताया कि इससे पहले भी भारत में प्रवेश कर रहे किशोरों को नेपाल के सुपुर्द किया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य विमला बोहरा, शांति अधिकारी और सतीश जोशी के साथ बैठक कर किशोरों को नेपाल भेजने का निर्णय लिया। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने किशोरों से पूछताछ की और नेपाल पुलिस की मौजूदगी में उन्हें नेपाल की थ्री एंजल समिति के सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन
मंगलवार सुबह नेपाल की ओर से भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाले कैलाली, नेपाल निवासी नौ किशोरों को एसएसबी ने संदेह होने पर रोक लिया। इनके मजदूरी के लिए भारत में आने की जानकारी मिलने पर एसएसबी ने जिला बाल कल्याण समिति से संपर्क कर किशोरों को उन्हें सौंप दिया।
विज्ञापन
जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भुवन गड़कोटी ने बताया कि इससे पहले भी भारत में प्रवेश कर रहे किशोरों को नेपाल के सुपुर्द किया गया है।