फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   अनुबंध खत्म देहरादून दूध भेजने पर संशय

अनुबंध खत्म देहरादून दूध भेजने पर संशय

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2020 01:27 PM IST
विज्ञापन
अनुबंध खत्म, देहरादून दूध भेजने पर संशय
विज्ञापन
नया अनुबंध नहीं होने पर चंपावत दुग्ध संघ को लगेगा 11 लाख का चूना हर माह 90 हजार लीटर दूध भेजा जाता है दून अमर उजाला ब्यूरो चंपावत। दुग्ध संघ के दूध को देहरादून भेजे जाने पर तलवार लटक गई है। इसकी वजह दून दूध भेजे जाने का अनुबंध खत्म होना है। नया अनुबंध अभी नहीं हुआ है। इसके चलते दुग्ध संघ को भारी चपत लगने का अंदेशा पैदा हो गया है। चंपावत जिले मेें दूध का भारी उत्पादन होता है। डेढ़ लाख से अधिक दुधारू पशुओं केे जरिए करीब ढाई लाख लीटर दूध रोजाना उत्पादित होता है। इसमें से करीब 90 प्रतिशत दूध बाजार में खप जाता हैै। जबकि 20 हजार लीटर से अधिक दूध दुग्ध संघ में दिया जाता है। बाजार में खास खपत नहीं होने से इस दूध को देहरादून, लालकुंआ और खटीमा भेजा जाता है। रोजाना तीन हजार लीटर दूध इन तीन शहरों में भेजा जा रहा है। लेकिन देहरादून दुग्ध संघ से हुआ अनुबंध खत्म होने से देहरादून दूध भेजे जाने को लेकर संशय हो गया है। देहरादून को दूध भेजे जाने से चंपावत दुग्ध संघ को हर रोज 90 हजार रुपये का लाभ हो रहा था। जबकि देहरादून के अलावा दोनों अन्य स्थानों में दूध भेजे जाने की भाड़े की रकम चंपावत दुग्ध संघ को देनी पड़ती है।
विज्ञापन
देहरादून मेें दूध भेजे जाने से चंपावत दुग्ध संघ को खासा लाभ है। देहरादून दुग्ध संघ को बिक्री किए जाने वाले दूध का अनुबंध 31 अगस्त को खत्म हो गया है। इसे लेकर नए अनुबंध के लिए बातचीत की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजेश मेहता, प्रबंधक, दुग्ध संघ, चंपावत।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed