फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   cases are for affecting protest

दर्ज मुकदमे आंदोलन को तोड़ने की साजिश बताया

Sun, 30 Apr 2017 11:45 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंपावत
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंपावत Updated Sun, 30 Apr 2017 11:45 PM IST
विज्ञापन
cases are for affecting protest
चंपावत में शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में प्रदर्शन करतीं महिलाएं। - फोटो : amar ujala
पूर्ति विभाग के आवासीय परिसर में शराब की दुकान खुलने के विरोध में आंदोलनरत महिलाएं तीसरे दिन रविवार को भी धरने पर डटी रहीं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर मुकदमा दर्ज कर उनके मनोबल को तोड़ने का प्रयास किया गया है। महिलाएं इसका मर्यादित तरीके से जवाब देंगी।
विज्ञापन


शराब की दुकान यहां से हटाने की मांग को लेकर महिलाएं 28 अप्रैल से आंदोलन कर रही हैं। शुक्रवार रात को ही 30 महिलाओं के खिलाफ तोड़फोड़ और धमकाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन फिर भी उनका आंदोलन बदस्तूर जारी है। महिलाएं शनिवार रात और रविवार को भी धरने पर बैठीं।
विज्ञापन


महिलाओं ने कहा कि जिस जगह दुकान खोली गई है, उसके नजदीक गोरलदेव मंदिर, स्कूल और मुहल्ले के लोग रहते हैं। विरोध-प्रदर्शन में हेमा देवी, हेमा देउपा, निकित बोहरा, उमा देवी, हेमा देवी, गोविंदी पटवा, तुलसी पटवा, गोदावरी देवी, मीरा पांडेय, रेखा देवी, हेमलता पांडेय आदि शामिल थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं पर मुकदमे गलत : भाजपा
भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया का कहना है कि चंपावत में महिलाओं पर दर्ज मुकदमे गलत हैं। महिलाएं शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही थीं। ऐसे में उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज करना ठीक नहीं है। पार्टी अपने स्तर से इस मामले को सरकार के सम्मुख उठाएगी। वहीं चंपावत के विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी भी महिलाओं के विरोध वाली जगह पर शराब की दुकान नहीं खोलने का महिलाओं को आश्वासन दे चुके हैं।

लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने भी शराब विरोधी आंदोलन करने वालों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई न करने तथा संयम बरतने की प्रशासन को हिदायत दी है।

अप्रैल में 1.9 करोड़ राजस्व का नुकसान
चंपावत। वित्त वर्ष के पहले महीने अप्रैल में जिले में 9 शराब की दुकानें नहीं खुल सकी। दुकान संचालित नहीं होने से महज एक महीने में ही करीब 1.9 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। वहीं कुछ जगह शराब के अनुज्ञापियों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा है। महिलाओं के व्यापक विरोध के चलते अप्रैल में जिले में सिर्फ सात दुकानें ही खुल सकी।


जिला आबकारी अधिकारी दीपाली साह ने बताया कि टनकपुर, बनबसा में तीन-तीन, देवीधुरा में एक दुकान संचालित हुई। चंपावत, लोहाघाट, सूखीढांग, सिन्याड़ी, पुलहिंडोला, भिंगराड़ा, पाटी की कुल 9 दुकानें नहीं खुल सकी। विभाग को हर महीने करीब 3 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता था, लेकिन इस बार महज 1.06 करोड़ राजस्व ही मिल सका है।

वहीं चंपावत और पाटी के अनुज्ञापियों को अधिभार एवं अनुज्ञापन शुल्क देने के बावजूद दुकान नहीं खुल पाने से लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed