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Champawat News: संतोला के पास पहाड़ी से आए मलबे में फंसा मालवाहक वाहन
Fri, 06 Sep 2024 10:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 06 Sep 2024 10:59 PM IST
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लोहाघाट पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में संतोला के पास पहाड़ी से गिरे मलबे में फंसा मालवाहक कैं
लोहाघाट (चंपावत)। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में संतोला के पास पहाड़ी से गिरे मलबे में निर्माण सामग्री ले जा रहा मालवाहक वाहन बीच सड़क में फंस गया। इसके चलते करीब 14 घंटे राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद सड़क पर फंसे वाहन को हटाने के बाद एनएच पर यातायात सुचारू हो सका।
बृहस्पतिवार को टनकपुर से पिथौरागढ़ निर्माण सामग्री ले जा रहा कैंटर नंबर यूके03 सीए 2194 रात करीब 8:30 बजे संतोला के पास बीच सड़क पर मलबे में धंस गया। कैंटर को निकालने की कोशिश की गई लेकिन रात के वक्त कैंटर नहीं निकल सका। शुक्रवार सुबह जब जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से कैंटर नहीं हट पाया तो पिथौरागढ़ से हाइड्रा मशीन मंगाने की कोशिश की गई लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सका।
बाद में दो पोकलैंड मशीनों के जरिए कड़ी मशक्कत के बाद करीब 10:30 बजे वाहन से निर्माण सामग्री खाली कर वाहन को मलबे से निकाला गया, इसके बाद एनएच का यातायात सुचारू हो पाया। एनएच खुलने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
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एनएच के ईई आशुतोष कुमार ने बताया कि संतोला के पास पहाड़ी से गिरे मलबे में मालवाहक कैंटर फंस गया था। कड़ी मशक्कत के बाद कैंटर को मलबे से निकालकर यातायात सुचारू किया गया। पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। जेसीबी से मलबे को लगातार हटाने का कार्य किया जा रहा है।
=-=-
इससे पहले 28 घंटे बंद हो चुका है एनएच
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर मंगलवार को पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया था। इस कारण 28 घंटे एनएच पर वाहनों की आवाजाही ठप रही थी। मार्ग पर फंसे यात्रियों को प्रशासन ने राहत शिविरों में भेजकर उनके भोजन आदि की व्यवस्था की थी। बुधवार रात को फिर से मलबा आने से एनएच आठ घंटे बाधित रहा। बृहस्पतिवार रात को मालवाहक कैंटर के मलबे में फंसने से एनएच 14 घंटे बाधित रहा। बार-बार एनएच बाधित होने से पिथौरागढ़ लोहाघाट आने-जाने वाले यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग घाट पनार मार्ग से हल्द्वानी आदि स्थानों को जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। संवाद
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बृहस्पतिवार को टनकपुर से पिथौरागढ़ निर्माण सामग्री ले जा रहा कैंटर नंबर यूके03 सीए 2194 रात करीब 8:30 बजे संतोला के पास बीच सड़क पर मलबे में धंस गया। कैंटर को निकालने की कोशिश की गई लेकिन रात के वक्त कैंटर नहीं निकल सका। शुक्रवार सुबह जब जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से कैंटर नहीं हट पाया तो पिथौरागढ़ से हाइड्रा मशीन मंगाने की कोशिश की गई लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो सका।
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बाद में दो पोकलैंड मशीनों के जरिए कड़ी मशक्कत के बाद करीब 10:30 बजे वाहन से निर्माण सामग्री खाली कर वाहन को मलबे से निकाला गया, इसके बाद एनएच का यातायात सुचारू हो पाया। एनएच खुलने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
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एनएच के ईई आशुतोष कुमार ने बताया कि संतोला के पास पहाड़ी से गिरे मलबे में मालवाहक कैंटर फंस गया था। कड़ी मशक्कत के बाद कैंटर को मलबे से निकालकर यातायात सुचारू किया गया। पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला जारी है। जेसीबी से मलबे को लगातार हटाने का कार्य किया जा रहा है।
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इससे पहले 28 घंटे बंद हो चुका है एनएच
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर मंगलवार को पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया था। इस कारण 28 घंटे एनएच पर वाहनों की आवाजाही ठप रही थी। मार्ग पर फंसे यात्रियों को प्रशासन ने राहत शिविरों में भेजकर उनके भोजन आदि की व्यवस्था की थी। बुधवार रात को फिर से मलबा आने से एनएच आठ घंटे बाधित रहा। बृहस्पतिवार रात को मालवाहक कैंटर के मलबे में फंसने से एनएच 14 घंटे बाधित रहा। बार-बार एनएच बाधित होने से पिथौरागढ़ लोहाघाट आने-जाने वाले यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोग घाट पनार मार्ग से हल्द्वानी आदि स्थानों को जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। संवाद