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खोदी जा रही देवदार की जड़ें, विभाग बना मूकदर्शक
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Tue, 19 Apr 2016 11:05 PM IST
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देवदार
- फोटो : अमर उजाला
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दुर्लभ प्रजाति के देवदार वृक्षों के संरक्षण के प्रति विभाग लापरवाह बना है। यहां पेड़ों की जड़ों को खोदने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर, विभाग आंखें मूंदें हैं। कई लोग जड़ों को खोदकर पेड़ के आसपास की मिट्टी निकालकर देवदार के पेड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पीजी कॉलेज मार्ग और गलचौड़ा में तो 12 पेड़ों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है।
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यहां से गुजरने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने वाले इन देवदार वृक्षों को कुछ असामाजिक तत्व बर्बाद करने पर तुले हैं। वन विभाग की अनदेखी जड़ों को खोदकर मिट्टी निकालने वालों के दुस्साहस को बढ़ा रही है। इससे पेड़ों की जड़ें खोखली होने के साथ ही उनके गिरने का खतरा बढ़ गया है। पीजी कॉलेज मार्ग पर देवदार वृक्षों की जड़ों से धड़ल्ले से मिट्टी निकालने से 6 पेड़ों के गिरने का अंदेशा बना है।
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इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राएं और दूसरे नागरिक गुजरते हैं। इस स्थान के पास ही वन विभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी, लोहाघाट और काली कुमाऊं के रेंज कार्यालय हैं, जहां से इन अधिकारी-कर्मियों की आवाजाही होती रहती है, लेकिन इन्हें अब तक यह पेड़ दिखाई नहीं दिए।
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वहीं, गलचौडा में भी तीन स्थानों पर मिट्टी निकालने से छह पेड़ों के गिरने का खतरा हो रहा है। समय रहते विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने पर हादसे का भी खतरा हो सकता है। नागरिकों का कहना है कि इतना सब होने के बावजूद इन पेड़ों को बचाने के लिए कदम उठाने के बजाय विभागीय अफसर आंखें मूंदे हैं।
यह मामला उनके संज्ञान में अभी आया है। संबंधित वन क्षेत्राधिकारी से मामले की जांच कराई जा रही है। दुर्लभ प्रजाति के देवदार वृक्षों की जड़ों से मिट्टी निकालना गंभीर अपराध है। जांच के बाद इसमें लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -महिपाल सिरोही, उप प्रभागीय वनाधिकारी, लोहाघाट