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आयुर्वेदिक अस्पताल निर्माण की फाइल सीएम ने की तलब, वित्तीय मंजूरी मिलने की उम्मीद
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आयुर्वेदिक अस्पताल निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि।
- फोटो : TANAKPUR
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टनकपुर (चंपावत)। सात साल से अधर में लटके 50 बेड के आयुर्वेदिक अस्पताल के निर्माण की कार्रवाई एक बार फिर तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ने अनुमोदन के लिए फाइल तलब कर ली है। माना जा रहा है कि जल्द ही एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) की बैठक में योजना को वित्तीय स्वीकृति मिल जाएगी।
केंद्र सरकार की योजना के तहत टनकपुर में 50 बेड का राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल बनना है। वर्ष 2014 में अस्पताल स्वीकृत हुआ था, लेकिन कभी भूमि तो कभी बजट के अड़ंगे में निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
अस्पताल के लिए पहले शहर की शारदा कॉलोनी में 0.188 हेक्टेयर यानि 1800 वर्ग मीटर भूमि चयनित की गई थी, लेकिन भवन के नक्शे के लिहाज से 3500 वर्ग मीटर भूमि की जरूरत पड़ी तो भूमि का क्षेत्रफल बढ़ाकर, नक्शे में मामूली बदलाव कर भूमि दिलाई गई।
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अब फाइल वित्तीय मंजूरी के लिए शासन में रुकी है। पिछले दिनों टनकपुर आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधायक कैलाश गहतोड़ी की पहल पर अस्पताल का निर्माण शीघ्र शुरू करवाने की घोषणा की थी। इसके बाद शासन स्तर पर वित्तीय मंजूरी की कार्रवाई तेज हो गई है।
कार्यदायी विभाग यूपी जल निगम के एई जितेंद्र जौहरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अनुमोदन के लिए अस्पताल की फाइल तलब कर ली है। उन्होंने बताया कि यहां की तरह टिहरी में भी 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल प्रस्तावित है।
वहां के लिए ईएफसी की बैठक 20 सितंबर को होगी। उम्मीद है कि यहां के अस्पताल के लिए भी जल्द ही बैठक की तिथि तय कर ईएफसी से वित्तीय मंजूरी मिल जाएगी।
चिकित्सा की ये सुविधाएं मिलेंगी
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. एम शाहिद के मुताबिक आयुर्वेदिक अस्पताल बना तो क्षेत्र के लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की काय चिकित्सा, बालरोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग, शल्य, शालाक्य, पंचकर्म, क्षारसूत्र जैसी आयुर्वेद की अन्य चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
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केंद्र सरकार की योजना के तहत टनकपुर में 50 बेड का राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल बनना है। वर्ष 2014 में अस्पताल स्वीकृत हुआ था, लेकिन कभी भूमि तो कभी बजट के अड़ंगे में निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।
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अस्पताल के लिए पहले शहर की शारदा कॉलोनी में 0.188 हेक्टेयर यानि 1800 वर्ग मीटर भूमि चयनित की गई थी, लेकिन भवन के नक्शे के लिहाज से 3500 वर्ग मीटर भूमि की जरूरत पड़ी तो भूमि का क्षेत्रफल बढ़ाकर, नक्शे में मामूली बदलाव कर भूमि दिलाई गई।
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अब फाइल वित्तीय मंजूरी के लिए शासन में रुकी है। पिछले दिनों टनकपुर आए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधायक कैलाश गहतोड़ी की पहल पर अस्पताल का निर्माण शीघ्र शुरू करवाने की घोषणा की थी। इसके बाद शासन स्तर पर वित्तीय मंजूरी की कार्रवाई तेज हो गई है।
कार्यदायी विभाग यूपी जल निगम के एई जितेंद्र जौहरी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अनुमोदन के लिए अस्पताल की फाइल तलब कर ली है। उन्होंने बताया कि यहां की तरह टिहरी में भी 50 बेड का आयुर्वेदिक अस्पताल प्रस्तावित है।
वहां के लिए ईएफसी की बैठक 20 सितंबर को होगी। उम्मीद है कि यहां के अस्पताल के लिए भी जल्द ही बैठक की तिथि तय कर ईएफसी से वित्तीय मंजूरी मिल जाएगी।
चिकित्सा की ये सुविधाएं मिलेंगी
राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. एम शाहिद के मुताबिक आयुर्वेदिक अस्पताल बना तो क्षेत्र के लोगों को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की काय चिकित्सा, बालरोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग, शल्य, शालाक्य, पंचकर्म, क्षारसूत्र जैसी आयुर्वेद की अन्य चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा।