फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Animal husbandy will be rewarded

अच्छी खबर: ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पशु पालक को मिलेगा पशु शेड

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 12 May 2022 11:15 PM IST
विज्ञापन
Animal husbandy will be rewarded
चंपावत। ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे सभी जिलों में प्रत्येक पशु पालक परिवारों को पशु शेड उपलब्ध कराए जाएंगे। इस संबंध में ग्राम्य विकास विभाग की ओर से मुख्य विकास अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे सभी जिलों में प्रत्येेक पशु पालक को पशु शेड उपलब्ध कराए जाने के लिए निर्देशित किया गया है।
विज्ञापन

ग्राम्य विकास विभाग की ओर से मनरेगा के तहत शत प्रतिशत पशु आश्रय स्थलों के निर्माण को वित्तीय वर्ष 2022-23 में हर पशु को आश्रय थीम के साथ पूरा किया जाएगा। सीडीओ आरएस रावत के अनुसार पशु आश्रय स्थल के निर्माण में प्रत्येक प्रकार के पशु पालन (गाय, भैंस, बकरी, भेड़, सुअर) और कुक्कुट पालन को शामिल किया जाएगा। सभी आश्रय स्थल एक ही माप, डिजायन और रंगरोगन से निर्मित किए जाएंगे। माप, डिजायन और रंग संयोजन राज्य मनरेगा प्रकोष्ठ की ओर से निर्धारित कर अलग से उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के संचालन से चंपावत जिले के 13 हजार से अधिक पशुपालक परिवारों को लाभ मिल सकेगा।
विज्ञापन

पूर्व में पशु शेड बना चुके पशुपालकों को नहीं मिलेगा लाभ
चंपावत। खंड विकास अधिकारी कमल किशोर पांडेय के अनुसार पशु शेड के संबंध में सभी ग्राम विकास अधिकारियों और मनरेगा रोजगार सहायकों को पशु पालकों की वर्तमान संख्या के लिए विकासखंड के पशु चिकित्सा अधिकारी से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें से ऐसे परिवार जिनको मनरेगा अथवा विभागीय योजना से पूर्व में पशु शेड दिया जा चुका हो और वह परिवार उसका उपयोग कर रहा हो, उनको योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। शेष परिवारों के लिए अलग से कार्ययोजना का निर्माण किया जाएगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

सायली में निराश्रित मवेशियों के लिए बनेगी गोशाला
चंपावत। जिले के सायली ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास (सीएमबीएडीपी) योजना के तहत निराश्रित मवेशियों के लिए गोशाला का निर्माण किया जाएगा। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से छह लाख रुपये की लागत से गोशाला का निर्माण किया जाएगा। गोशाला में एक समय से पचास से अधिक मवेशियों को आसरा मिल सकेगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed