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... और अब भगवान भरोसे वन विभाग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 11:56 PM IST
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... and now God trust Forest Department
चंपावत। ढाई माह से भी कम समय में वन्यजीवों के हमले में दो महिलाओं की मौत से इलाके में दहशत है। बाघ और तेंदुए के कई बार जंगल से नजदीक के गांव में मवेशियों को खाने की घटनाएं भी हो रही हैं। बाघ के संभावित क्षेत्रों में वन विभाग की ओर से गश्त बढ़ाने और अन्य प्रबंध करने के बावजूद खतरे कम नहीं हो रहे हैं। अब वन विभाग इन सबसे निजात पाने के लिए भगवान की शरण जाएगा। विभाग अपने डिवीजनल कार्यालय में दो दिन के भीतर धार्मिक अनुष्ठान कराएगा।
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डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि शनिवार को पूजा-अर्चना कराई जाएगी। वैसे इसके अलावा वन विभाग ने वन्यजीवों से किसी तरह की जन क्षति को बचाने के लिए डिप्टी रेंजर बीएम टम्टा के नेतृत्व में बाकायदा पांच सदस्यीय (चतुर सिंह, संजय त्रिपाठी, हरीश जोशी और सुंदर सिंह) टीम का गठन किया है। विभाग के अलावा ग्रामीणों को भी मानदेय में गश्त में भागीदार बनाया गया है। पिंजरे और कैमरे लगाए गए हैं लेकिन इन सब कदमों का ठोस नतीजा नहीं निकलने के बाद वन विभाग ने धार्मिक अनुष्ठान का निर्णय लिया है। बता दें कि वन्यजीव पिछले साल छह दिसबंर को ढकना बडोला गांव में मीना देवी और 31 जनवरी को नघान के पास रिखवाड़ी के जंगल में चंचला देवी को मार चुका है।
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वन्यजीवों के खतरों से बचाने के लिए वन विभाग हर मुमकिन प्रयास कर रहा है। विभाग ने इसके लिए अलग से एक टीम का गठन किया है। खतरे वाली जगह में 15 ग्रामीणों को मानदेय में दो महीने के लिए रखा गया है। नियमित रूप से गश्त, पिंजरा लगाना और कैमरों के जरिए बाघ और तेंदुए को ट्रेप करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त धार्मिक अनुष्ठान किया जाएगा। जिसका मकसद ग्रामीणों को मानसिक और मनोवैज्ञानिक रूप से मजबूती देना है। - आरसी कांडपाल, डीएफओ, चंपावत।
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राहत: सुरक्षित है महिला, मायके गई थी
चंपावत। वन्यजीव की दहशत के बीच बुधवार को जंगल से घर नहीं पहुंची महिला सुरक्षित है। डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि यह महिला अपने मायके कानाकोट में सुरक्षित है। गांव के लोगों का कहना है कि पारिवारिक वजहों से संभवत: महिला मायके चली गई और परिवार से संपर्क नहीं होने से ये गलतफहमी पैदा हुई। बता दें कि गाय के साथ जंगल गई महिला के बुधवार शाम तक घर नहीं पहुंचने के बाद ग्रामीणों ने मामले से वन विभाग को अवगत कराया था। इसके बाद रेंजर हेम चंद्र गहतोड़ी और वन दरोगा चतुर सिंह के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम ने शाम को ग्रामीणों के साथ गश्त भी की थी। अलबत्ता महिला के सुरक्षित होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
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