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अमरू बैंड मंदिर को खतरा, छत और दीवार में आई दरार
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Updated Sat, 30 Jul 2016 09:55 PM IST
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अमरू बैंड मंदिर को खतरा
- फोटो : अमर उजाला
टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए अमरू बैंड में स्थापित मंदिर भी बारिश से खतरे की जद में आ गया है। जमीन धंसने से मंदिर की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई है, जिससे मंदिर के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो गया है। मंदिर की धर्मशाला भी खतरे की जद में है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से जल्द मंदिर की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
कभी सड़क हादसे के लिए खतरनाक स्पॉट माना जाने वाला टनकपुर-चंपावत राजमार्ग के अमरू बैंड में 2008 में हुए बस हादसे में 12 से अधिक लोगों की मौत के बाद से अमरू बैंड पर मंदिर की स्थापना की गई थी। बारिश से मंदिर को खतरा हो रहा है। धूरा की प्रधान लक्ष्मी देवी, बीडीसी सदस्य राजेंद्र सिंह और समाजसेवी यशोधर ने बताया कि आसपास की पहाड़ी में धंसाव के कारण मंदिर की छत और दीवारों में दरारें पड़ गई है। धर्मशाला में भी दरारों से खतरा पैदा हो गया है।
मंदिर में पास निर्मित पेयजल टैंक भी फट चुके हैं। जिससे कभी भी बड़े हादसे का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि स्थिति को देखते हुए मंदिर में पूजा-पाठ करने वाले बाबा को भी मंदिर में ठहरने से मना कर उनके ठहरने की व्यवस्था सूखीढांग में की गई है। उन्होंने उप जिलाधिकारी नरेश दुर्गापाल को ज्ञापन के माध्यम से स्थिति से अवगत कराते हुए जल्द बचाव के कारगर कदम उठाने की मांग की है।
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कभी सड़क हादसे के लिए खतरनाक स्पॉट माना जाने वाला टनकपुर-चंपावत राजमार्ग के अमरू बैंड में 2008 में हुए बस हादसे में 12 से अधिक लोगों की मौत के बाद से अमरू बैंड पर मंदिर की स्थापना की गई थी। बारिश से मंदिर को खतरा हो रहा है। धूरा की प्रधान लक्ष्मी देवी, बीडीसी सदस्य राजेंद्र सिंह और समाजसेवी यशोधर ने बताया कि आसपास की पहाड़ी में धंसाव के कारण मंदिर की छत और दीवारों में दरारें पड़ गई है। धर्मशाला में भी दरारों से खतरा पैदा हो गया है।
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मंदिर में पास निर्मित पेयजल टैंक भी फट चुके हैं। जिससे कभी भी बड़े हादसे का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि स्थिति को देखते हुए मंदिर में पूजा-पाठ करने वाले बाबा को भी मंदिर में ठहरने से मना कर उनके ठहरने की व्यवस्था सूखीढांग में की गई है। उन्होंने उप जिलाधिकारी नरेश दुर्गापाल को ज्ञापन के माध्यम से स्थिति से अवगत कराते हुए जल्द बचाव के कारगर कदम उठाने की मांग की है।
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