फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   शिकारियों की तलाश में खर्राटाक के जंगल में कांबिंग

शिकारियों की तलाश में खर्राटाक के जंगल में कांबिंग

Fri, 15 Feb 2013 05:32 AM IST
Champawat
Champawat Updated Fri, 15 Feb 2013 05:32 AM IST
विज्ञापन
टनकपुर। नेपाल सीमा से लगे चंपावत वन प्रभाग के खर्राटाक जंगल में हथियारबंद वन्यजीव शिकारी एवं तस्करों की दस्तक से खासा हड़कंप मचा हुआ है। शिकारियों की तलाश में वन विभाग, पुलिस और एसएसबी का दल सघन कांबिंग में जुटा है।
विज्ञापन

चंपावत वन प्रभाग का खर्राटाक जंगल लंबे अर्से से नेपाली वन्यजीव तस्कर एवं शिकारियों का अड्डा बना हुआ है। आसपास के वीरान गांवों के मकानों में डेरा जमा वे धड़ल्ले से वन्यजीवों का शिकार कर नेपाल की और निकल जाते हैं। बड़े वाहनों के हवा भरे ट्यूबों के सहारे शारदा नदी को पार कर वे भारतीय जंगल में प्रवेश कर धड़ल्ले से शिकार करते हैं। इस सीमावर्ती क्षेत्र में एसएसबी और वन कर्मी तैनात रहने के बावजूद उनकी आए दिन दस्तक आम बात हैं। आसपास के ग्रामीणों के मुताबिक रात के समय जंगल में बंदूक की आवाज सुनाई पड़ती है। कभी-कभी तो दिन में भी गोली की आवाज सुनाई देती है। खर्राटाक के जंगल में वन्यजीव शिकारियों की सक्रियता को सबसे पहले अमर उजाला ने उजागर किया। दो माह पूर्व भी हथियाबंद शिकारियों के जंगल में घुसने की सूचना मिली थी, मगर वे पकड़ में नहीं आए। बुधवार को वन विभाग और पुलिस के संयुक्त कांबिंग दल ने शिकारियों की घेराबंदी की तो वे अपने शस्त्र छोड़ फरार हो गए। मौके से चार बंदूके बरामद हुईं। घटना के बाद जंगल में सघन कांबिंग शुरू कर दी गई है। वन क्षेत्राधिकारी बीके माहरा ने बताया कि वन विभाग के 17 तथा पुलिस के सात जवान शिकारियों की तलाश में कांबिंग कर रहे हैं। वहीं चूका छोर से एसएसबी का दल भी कांबिंग कर रहा है। बहरहाल दूसरे दिन की कांबिंग में भी कोई शिकारी हाथ नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed